शेर और चापलूस मित्र
युवा शेर मित्र की सलाह को उसके परिणाम से परखना सीखता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

जंगल की राह पर युवा शेर को भेड़िया मिला। उसने खूब तारीफ की, “कितने शानदार शेर हो!” तारीफ अच्छी लगी तो शेर ने नए साथी को परिवार की गुफा में बुला लिया।
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पन्ना 2

पिता ने नम्र स्वागत किया, पर भेड़िए की जोरदार सलाह देखी। बेटे से बोला, “अच्छा मित्र तुम्हारे परिणाम की चिंता करता है।” युवा ने सिर हिलाया, पर तारीफ मन में रही।
पन्ना 3

भेड़िए ने राजा के टट्टुओं के मैदान में जाने को कहा। बोला, “तुम उन्हें डराने जितने मजबूत हो।” शेर चल पड़ा। करने की ताकत होना सही निर्णय होना नहीं होता, वह भूल गया।
पन्ना 4

मैदान में शेर दहाड़ा और टट्टू बिखरे। रखवाले उन्हें शांत करने दौड़े। भेड़िया दूर से हँसा। शेर को मिले शोर भरे ध्यान से कुछ देर खुशी महसूस हुई।
पन्ना 5

पिता ने सुनकर दृढ़ता से कहा, “वे पशु डरे थे। रखवाले उनकी रक्षा करेंगे। चापलूसी सुनकर दूसरों को दुख और खुद को खतरा देने वाली राह पर मत जाओ।”
पन्ना 6

भेड़िया फिर जाने को उकसाने लगा। शेर रुका तो उसकी बहादुरी पर सवाल किया। इस बार शेर ने देखा कि हर तारीफ के साथ किसी और को परेशान करने की माँग आती है।
पन्ना 7

पेड़ों से मजबूत बाड़ और चौकन्ने रक्षक दिखे। भेड़िया बहुत पीछे था, परेशानी आए तो भागने को तैयार। यह छोटी बात देखकर पिता की चेतावनी अचानक साफ समझ आई।
पन्ना 8

शेर बोला, “मैं उन्हें फिर नहीं डराऊँगा।” भेड़िए ने बेवकूफ कहा, पर वह नहीं गया। युवा जंगल लौटा। उसने चापलूसी के दूसरे भाषण से अधिक मन की शांति चुनी।
पन्ना 9

उसने पिता को देखी बात बताई। दोनों ने मैदान से दूर राह चुनी। शेर ऐसे मित्र बनाने लगा जो खुश “हाँ” जितना शांत “नहीं” का भी सम्मान करते थे।
पन्ना 10

टट्टू फिर शांति से चरने लगे और शेर समझदार हुआ। उसे मीठे बोल पसंद थे, पर उनके पीछे निर्णय देखता था। सच्ची दोस्ती में परवाह, ईमानदारी और सुरक्षित सीमाएँ भी थीं।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling; killing ponies and the lion’s death are replaced by frightening animals and a safe retreat after recognizing danger. Judgment concerns this wolf’s actions, not all wolves.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Lion in Bad Company” in More Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1922). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



