तूफ़ान के बाद का वादा
दयालु मददगार समझता है कि कौन बड़े बोल नहीं, काम से मदद याद रखता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

नदी पर भयंकर तूफ़ान आया। युवा राजकुमार तैरते लट्ठे से चिपका था। चूहा, साँप और भीगा तोता भी उसी सहारे पर पहुँचे। तेज पानी से चारों डरे हुए थे।
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पन्ना 2

नदी के घर से गाँव वाले ने पुकार सुनी। रस्सी लाकर लट्ठे को उथले किनारे की ओर खींचा। उसने थके यात्रियों को एक-एक करके पक्की जमीन पर पहुँचने में मदद की।
पन्ना 3

झोपड़ी में उसने गर्म जगह और भोजन दिया। छोटे कमजोर पशुओं की पहले देखभाल की। राजकुमार इंतज़ार से नाराज़ हुआ, हालाँकि थोड़ी देर बाद उसे भी वैसी ही सावधान मदद मिली।
पन्ना 4

तूफ़ान गया तो सबने दया याद रखने का वादा किया। चूहा और साँप पुराने सिक्कों की जगह जानते थे। तोता मित्रों संग अनाज लाता। राजकुमार ने महल में बड़ा इनाम देने को कहा।
पन्ना 5

कई साल बाद छत टपकी और मदद चाहिए थी। वह साँप से मिला तो उसने भूले सिक्के दिखाए। चूहे ने भी ऐसा किया। दोनों आग के पास किया वादा निभाकर खुश थे।
पन्ना 6

तोते ने फसल बाद गिरे अनाज के लिए मित्र बुलाए। वे उसके घर पहुँचा गए। किसी ने उपहार का घमंड नहीं किया। मदद करने वाले की मदद करना चाहते थे।
पन्ना 7

आखिर आदमी महल गया। राजकुमार अब बड़ा होकर राजा था, पर द्वारपाल से आगंतुक को भेज देने को कहा। साधारण झोपड़ी की याद से असहज होकर वह अपना वादा टालना चाहता था।
पन्ना 8

द्वारपाल ने कहानी ध्यान से सुनी। पड़ोसियों ने मददगार को पहचाना। उन्होंने राजा से पूछा कि छोटे पशु दया याद रखते हैं, तो इतना शक्तिशाली व्यक्ति उसे क्यों भूल रहा है।
पन्ना 9

राजा शर्मिंदा हुआ और सबके सामने माफी माँगी। झोपड़ी ठीक कराई, पर आदमी जानता था कि भरोसा एक उपहार से ज्यादा माँगता है। पशुओं के वादे पहले ही भरोसे वाले काम बने थे।
पन्ना 10

नई मजबूत छत के नीचे उसने स्वतंत्र पशु मित्रों का स्वागत किया। नदी के पास शांत शाम बिताई। बड़े वादे सुनने में अच्छे थे, पर छोटे सच्चे कामों ने असली राहत दी थी।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling; executions and uprising are omitted, and a public apology replaces punishment. Rescued animals remain free, with accessible gifts rather than captive golden homes. Several years explicitly pass between the rescue of the young prince and the later visit to the grown king; this clarifies the original change in status.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “Prince Wicked and the Grateful Animals” in More Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1922). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



