चमकता हुआ कटोरा
पुराने पारिवारिक कटोरे के लिए दो व्यापारी बहुत अलग प्रस्ताव देते हैं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
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मीरा नदी किनारे छोटे घर में अपनी दादी के साथ रहती थी। अलमारी में साधारण बर्तन और एक पुराना कटोरा था। धूल से काला वह कटोरा दादी की प्यारी याद था।
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एक सुबह सड़क पर व्यापारी चमकीले बर्तन बेच रहा था। मीरा को छोटा प्याला पसंद आया। दादी ने सोचा कि पुराने कटोरे के बदले शायद वह प्याला मिल जाए।
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व्यापारी ने किनारे को खुरचा। नीचे पीली धातु चमकी। यह सोना था! सस्ते में कटोरा पाने के लिए उसने अपनी हैरानी छिपाई और नाक सिकोड़कर देखने लगा।
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“इस पुराने बर्तन की कोई कीमत नहीं,” कहकर उसने कटोरा रूखेपन से रख दिया। दादी ने उसे वापस लिया। व्यापारी सोचता हुआ चला कि लौटने पर कटोरा बहुत सस्ता मिलेगा।
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कुछ देर बाद दूसरा व्यापारी बर्तनों की टोकरी लेकर आया। उसने नम्रता से अभिवादन किया। मीरा ने दादी से कहा कि हार मानने से पहले उसे भी कटोरा दिखाएँ।
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दूसरे व्यापारी ने ध्यान से देखकर आश्चर्य में सिर हिलाया। उसने बताया, “यह सोने का कटोरा है। इसकी असली कीमत मेरी टोकरी के सारे सामान से भी अधिक है।”
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दादी को यकीन नहीं हुआ। व्यापारी ने नाव के किराए भर पैसे छोड़कर अपना धन और सामान दे दिया। दादी ने सोचकर स्वीकार किया। दोनों जानते थे कि क्या ले रहे हैं।
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मीरा ने छोटा प्याला लिया। दादी ने नई बचत गिनी। ईमानदार व्यापारी ने कटोरा सुरक्षित कपड़े में लपेटा और नदी पहुँचा। वहाँ यात्रियों को ले जाने वाली नाव तैयार थी।
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पहला व्यापारी बहुत छोटा प्रस्ताव लेकर लौटा। दादी ने सच बताया कि कटोरा उचित कीमत पर बिक गया। उसकी चाल से उसे सौदा करने का अवसर ही खोना पड़ा था।
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नदी पार ईमानदार व्यापारी की अगली यात्रा शुरू हुई। घर में मीरा अपने प्याले से पानी पी रही थी। कटोरे से राहत इसलिए मिली क्योंकि किसी ने उसका सच बताया था।
About this Neutoons edition
An original ten-page English and Hindi retelling of the named traditional story. Dialogue and descriptive details are newly written.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Merchant of Seri” in Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1912). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



