दादी के लिए कालू का उपहार
एक हाथी अपना पालन करने वाली दादी के लिए उचित मजदूरी कमाता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
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दादी ने छोटे कालू को पालकर मजबूत युवा हाथी बनाया था। वह बच्चों के साथ प्यार से खेलता। शाम का खाना बनते समय उसे दादी के दरवाज़े के पास बैठना अच्छा लगता।
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एक सुबह कालू ने दादी से साथ घूमने को कहा। वह मुस्कराई, पर थके हाथ मलकर बोली, “आज बहुत काम है।” कालू ने देखा कि पानी का घड़ा कितनी मुश्किल से उठाती हैं।
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उसने काम खोजने का फैसला किया। नदी पार करने की जगह गाड़ीवान भरी गाड़ियों से परेशान था। बैल उथले कीचड़ से गाड़ियाँ नहीं खींच पा रहे थे और यात्रा रुक गई थी।
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गाड़ीवान ने कालू की ताकत देखकर हर गाड़ी के बदले दो चाँदी के सिक्के देने को कहा। कालू ने समझ लिया। पानी में उतरकर उसने पहले सबसे पक्का रास्ता जाँचा।
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उसने एक-एक गाड़ी दूसरी ओर पहुँचाई। बैलों को आराम मिला और पहिए कीचड़ से निकल आए। आखिरी गाड़ी सूखी जमीन पर सुरक्षित खड़ी होने तक कालू लगातार मेहनत करता रहा।
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गाड़ीवान ने पैसे गिने, पर हर गाड़ी का एक ही सिक्का दिया। कालू ने छोटा ढेर देखा और सड़क के पास खड़ा रहा। उसने वादे की आधी मजदूरी स्वीकार नहीं की।
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गाड़ीवान को अपना वादा याद आया। उसने बाकी सिक्के भी गिने और पूरी मजदूरी कपड़े की थैली में रखी। थैली कालू के गले में हल्के से बाँधी। संतुष्ट हाथी रास्ते से हटा।
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दोपहर की रोशनी में बच्चों ने लौटता कालू देखा। उन्होंने पूछा कि कहाँ गया था। कालू ने सबको अभिवादन किया, पर अपनी मेहनत का उपहार लेकर सीधे दादी के पास गया।
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दादी ने थैली खोली और उसकी कहानी सुनी। सूँड़ सहलाकर बोली, “मेरे लिए इतनी मेहनत की!” कालू खुश था कि अब दादी अपने थके हाथों को थोड़ा आराम दे सकती थीं।
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इसके बाद कालू पानी और भारी गठरियाँ उठाने में मदद करता। दादी उसका खयाल रखतीं और वह दादी का। घर का दरवाज़ा दोनों मित्रों के साथ बैठकर आराम करने की शांत जगह बन गया।
About this Neutoons edition
An original ten-page English and Hindi retelling of the named traditional story. Dialogue and descriptive details are newly written.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “Grannie's Blackie” in Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1912). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.


