पानी के घड़े संभालकर रखो
समझदार यात्री अनजान व्यक्ति के वादे को पहले परखता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

दो व्यापारियों को एक रेगिस्तान पार करना था। युवा व्यापारी पहले बाज़ार पहुँचने के लिए जल्दी चला। सुमन बाद में निकला। उसने अधिक पानी लिया और अनुभवी यात्रियों की बातें सुनीं।
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पन्ना 2

रास्ते में पहले व्यापारी को गीले कपड़ों और कमल वाले अजनबी मिले। उन्होंने पास में तालाब होने का वादा किया। बोले, “भारी घड़े खाली कर दो। बैल तेज चल सकेंगे।”
पन्ना 3

उसने भरोसा करके पानी रेत में बहा दिया। बताए हुए तालाब कहीं नहीं मिले। थके और प्यासे लोगों की गाड़ियाँ चट्टान के पास रुक गईं। आगे बढ़ना सुरक्षित नहीं था।
पन्ना 4

कुछ दिन बाद वही अजनबी सुमन के पास आए। कपड़े फिर गीले थे और आगे पानी की बात हुई। सुमन ने धन्यवाद दिया, पर घड़े गाड़ियों पर बँधे रहने दिए।
पन्ना 5

साथियों ने पूछा कि उसने सलाह क्यों नहीं मानी। सुमन ने आसपास देखने को कहा। हवा सूखी थी, आकाश साफ था और बारिश का एक भी बादल नहीं था।
पन्ना 6

उसने समझाया, “गीले कपड़े तालाब का प्रमाण नहीं हैं। अपना पानी तब तक रखेंगे जब तक सुरक्षित स्रोत खुद नहीं देख लेते।” सबने सावधानी से साथ आगे बढ़ना स्वीकार किया।
पन्ना 7

शाम को सुमन ने चट्टान के पास रुकी गाड़ियाँ देखीं। पहले पानी बाँटा, फिर कहानी सुनी। युवा व्यापारी ने माना कि उसने बिना जाँचे वादे पर भरोसा किया था।
पन्ना 8

दोनों दलों ने साथ पड़ाव किया और बैलों को आराम दिया। सुमन ने बचा सामान बराबर बाँटा। बूढ़े मार्गदर्शक के याद किए रास्ते के अनुसार अगली यात्रा तय हुई।
पन्ना 9

अगली दोपहर असली कुआँ मिल गया। घड़े खोलने से पहले सबने साफ पानी देखा। युवा व्यापारी ने भरने में मदद की। सुमन की सोच ने सबकी रक्षा की थी।
पन्ना 10

बाज़ार में दोनों दल सुरक्षित पहुँचे। सुमन ने व्यापार किया। युवा व्यापारी बेहतर सवाल पूछने लगा। सोचकर लिया फैसला पूरी यात्रा के लिए मजबूत आधार बन गया था।
About this Neutoons edition
Original bilingual adaptation; the false wet-traveler deception is retained, but demons and the first caravan’s destruction become stranded travelers who are rescued.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Wise and the Foolish Merchant” in Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1912). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.


