एक कटोरी चावल में महल?
राजा के बाज़ार में एक अनोखा सवाल अनुचित कीमत का भेद खोलता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
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व्यस्त राज्य में ईमानदार मूल्य तय करने वाला था। वह घोड़े, गहने और टोकरियाँ जाँचकर सही कीमत बताता। राजा को लगता था कि उसकी सावधानी से अधिक धन खर्च होता है।
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राजा ने उसकी जगह बहुत कम कीमत बताने वाला व्यक्ति रख लिया। नया आदमी सामान के बारे में कम जानता था। फिर भी वह जोर से बोलता और राजा खुश हो जाता।
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एक व्यापारी अच्छे घोड़े महल लाया। उसने उन्हें भरपूर खिलाया था और लंबी यात्रा की थी। नए आदमी ने देखकर कहा, “इन सबके बदले बस एक कटोरी चावल।”
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व्यापारी विश्वास नहीं कर पाया। एक कटोरी चावल घोड़ों की देखभाल का खर्च भी नहीं था। वह ईमानदार जानकार के पास गया और पूछा कि इस फैसले को कैसे बदले।
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ईमानदार आदमी ने सरल सवाल सुझाया। “उसने घोड़ों को चावल में तौला है। अब उससे चावल की कीमत पूछो।” दरबार लौटते हुए व्यापारी ने वही सवाल मन में दोहराया।
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राजा के सामने व्यापारी ने नम्रता से झुककर कहा, “मुझे घोड़ों की कीमत समझ आ गई। अब इस कटोरी चावल की कीमत बताइए।” सब लोग नए मूल्यकार की ओर देखने लगे।
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महत्वपूर्ण दिखने के लिए आदमी ने बड़ा दावा कर दिया। बोला, “यह चावल पूरे राज्य के बराबर है!” मंत्रियों ने छोटी कटोरी को देखा, फिर महल की ऊँची मीनारों को।
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राजा को गलती समझ आई। बिना सोचे जवाब देने से घोड़े लगभग बेकार और चावल महल से महँगे हो गए। सिर्फ भरोसे भरी आवाज़ ज्ञान की जगह नहीं ले सकती थी।
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राजा ने ईमानदार व्यक्ति को वापस बुलाया। उन्होंने घोड़े जाँचकर उचित भुगतान तय किया। व्यापारी ने राहत से स्वीकार किया। उसके काम और पशुओं की कीमत अब सही मानी गई थी।
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इसके बाद राजा कीमत स्वीकार करने से पहले सवाल पूछता। छोटी कटोरी चावल रसोई में लौट गई। उसने किसी को झूठे वादे खिलाए बिना पूरे दरबार को उपयोगी सीख दी थी।
About this Neutoons edition
An original ten-page English and Hindi retelling of the named traditional story. Dialogue and descriptive details are newly written.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Measure of Rice” in Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1912). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



