हवा और धूप
आसमान के दो पड़ोसी नरमी की ताकत पहचानते हैं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

देहाती रास्ते के ऊपर हवा और सूरज बहस कर रहे थे। दोनों को लगता था कि मौसम बदलने का उनका तरीका अधिक ताकतवर है।
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पन्ना 2

नीचे एक यात्री नीला लबादा ओढ़कर जा रही थी। सूरज ने कहा, देखते हैं उसे लबादा उतारने के लिए कौन मना सकता है।
पन्ना 3

पहले हवा चली। उसने फूल झुकाए और पत्तियाँ हिलाईं। ठंडा झोंका लगते ही यात्री ने लबादा अपने शरीर पर कस लिया।
पन्ना 4

हवा ने कपड़ा हटाने को और ज़ोर लगाया। यात्री ने किनारे मज़बूती से पकड़े। वह आगे झुककर झोंकों के बीच चलती रही।
पन्ना 5

आखिरी झोंका पहाड़ी से आया। यात्री पत्थर की दीवार के पीछे रुकी। लबादा अब भी ओढ़ा था। थकी हवा आखिर शांत हो गई।
पन्ना 6

अब सूरज बादल से निकला। उसने न लबादा खींचा, न यात्री को धकेला। उसने बस रास्ते पर हल्की गरम धूप फैलाई।
पन्ना 7

फूल फिर सीधे हुए। यात्री ने पकड़ ढीली की और आराम से चलने लगी। गालों पर धूप थी और चारों ओर शांत हवा।
पन्ना 8

सुबह गरम हुई तो उसने लबादा खोला। उसे मोड़कर बाँह पर रखा और मुसकराई। अब उतारने से उसे आराम मिल रहा था।
पन्ना 9

हवा पहाड़ी से देखती रही। ज़ोर लगाने से पकड़ और कस गई थी। सूरज की नरमी से यात्री खुद लबादा हटाने को तैयार हुई।
पन्ना 10

यात्री छाँव में पानी पीने रुकी। ऊपर सूरज और हवा की बहस खत्म हुई। ताकत शांत भी हो सकती है; समझना ज़ोर लगाने से बेहतर है।
कहानी का सार और सीख
हवा और सूरज यात्री से चोगा उतरवाने की कोशिश करते हैं। हवा जितना तेज़ चलती है, यात्री चोगा उतना कसकर पकड़ती है। नरम धूप में आराम महसूस होने पर वह खुद चोगा उतार देती है।
इस रूपांतरण से क्या सीख मिलती है?
किसी की ज़रूरत समझना ज़ोर लगाने से बेहतर काम कर सकता है। यात्री गर्मी और आराम महसूस करके चोगा उतारती है; कोई उससे चोगा खींचकर नहीं छीनता।
साथ में बात करें
- हवा चलने पर यात्री चोगा और कसकर क्यों पकड़ती है? पन्ना 4
- सूरज निकलने पर क्या बदलता है? पन्ना 7
- चोगा उतारने का आखिरी फैसला कौन करता है? पन्ना 8
कहानी पढ़कर करें
दो चित्रों में यात्री के हाथ और चोगा दिखाएँ—एक हवा में, दूसरा धूप में। दोनों में उसके विचार लिखें। कहानी के संकेतों से अंतर समझाएँ, फिर किसी के कपड़े खींचे बिना दोनों भाव बनाकर दिखाएँ।
प्रिंट करने की कार्यपत्रिका और उत्तर
About this Neutoons edition
Expanded original bilingual retelling of the cited fable; dialogue and setting details are newly written.
Source tradition: Aesop. Based on “The Wind and the Sun” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



