सर्दियों के लिए एक गीत
चींटी और संगीतकार तैयारी और दया साथ निभाना सीखते हैं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

गर्मियों में हरा टिड्डा मैदान में गीत गाता था। पास ही भूरी चींटी पुराने पेड़ की जड़ों के नीचे सूखे कमरे में दाने ले जाती थी।
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पन्ना 2

टिड्डे ने चींटी को गीत सुनने बुलाया। उसने एक धुन सुनी, फिर दाना उठाया। वह आने वाली ठंड के लिए भोजन जमा कर रही थी।
पन्ना 3

मैदान में भोजन और धूप भरपूर थे। टिड्डे को सर्दी बहुत दूर लगी। काम की सोचने से पहले उसने एक और गीत गाने का फैसला किया।
पन्ना 4

दिन बीते। मौसम सूखा होने पर चींटी बीज लाती। वह आराम करती और पक्षियों को भी सुनती। छोटे-छोटे बोझ से भंडार भरता गया।
पन्ना 5

पतझड़ में पत्तियाँ सुनहरी हुईं। टिड्डे को ताज़ी कोंपलें कम मिलीं, पर कल की उम्मीद थी। चींटी ने छत जाँची और दाने ढके।
पन्ना 6

हल्की बर्फ ने मैदान ढका तो टिड्डे को नाश्ता नहीं मिला। काँपता हुआ वह चींटी के दरवाज़े गया और बताया कि भोजन बचाया नहीं था।
पन्ना 7

चींटी को उसके गर्मियों के गीत याद आए। उसने गरम जगह और थोड़े दाने दिए। तैयारी ज़रूरी है, उसने कहा, और ज़रूरत में मदद भी।
पन्ना 8

टिड्डे ने धन्यवाद दिया और ढीली शेल्फ ठीक की। बीती गर्मी नहीं बदल सकती थी, मगर वह सीख सकता था और सर्दियों के घर में मदद कर सकता था।
पन्ना 9

दोनों ने वसंत की योजना बनाई: पहले दाने, फिर गीत; और मेहमानों के लिए भी थोड़ा भोजन। टिड्डा धीमी ताल देता, चींटी बीज गिनती।
पन्ना 10

बाहर चाँदनी में बर्फ चमकी। भीतर भोजन, दोस्ती और गीत थे। अगली गर्मी में सावधानी से तैयारी भी होगी और खुशी के गीत भी।
About this Neutoons edition
Preserves the summer preparation and winter shortage; replaces starvation with neighbourly help and a shared plan, without claiming artists are less valuable.
Source tradition: Aesop. Based on “The Ant and the Grasshopper” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



