मोर और बुलबुल का गीत
सुंदर पक्षी समझता है कि हर हुनर एक ही के पास होना ज़रूरी नहीं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

बगीचे में मोर ने शानदार पूँछ फैलाई। लोग नीले-हरे रंग देखने रुके। वह फव्वारे के पास घूमते हुए उनकी मुसकान पसंद करता था।
पन्ना या चर्चा चुनें
पन्ना 2

झाड़ी से बुलबुल का गीत आया। साफ सुर पानी जैसे उठते-गिरते थे। लोग चुप सुनने लगे। मोर ने भी पूँछ समेटकर सुना।
पन्ना 3

छोटी भूरी चिड़िया के पास चमकीली पूँछ नहीं थी। फिर भी उसकी आवाज़ बगीचे में भरी थी। मोर ने वैसा गाना चाहा।
पन्ना 4

उसने अपना सुर निकाला। उसकी आवाज़ बुलबुल के गीत से अलग थी। ज़ोर से फिर कोशिश की, मगर मोर की आवाज़ मोर जैसी रही।
पन्ना 5

मोर इस पुरानी कथा की समझदार जूनो के पास गया। वह फूलों तले बेंच पर थी। उसने सुंदर पूँछ के साथ बुलबुल की आवाज़ माँगी।
पन्ना 6

जूनो ने इच्छा सुनी। उसने याद दिलाया कि मोर के पंख सुंदर हैं और बुलबुल का गीत। अलग खूबियों से सबके लिए बगीचा रोचक बनता है।
पन्ना 7

मोर थोड़ा निराश था। जूनो ने सीखना छोड़ने को नहीं कहा। उसने पूछा, दूसरे का हुनर पसंद करने का मतलब उसे खुद रखना ज़रूरी है क्या?
पन्ना 8

फव्वारे पर लौटा मोर फिर गीत सुनने लगा। इस बार मुकाबला नहीं था। वह संगीत अपने पास किए बिना भी उसका आनंद ले सकता था।
पन्ना 9

गीत के साथ उसने पूँछ फैलाई। लोगों ने रंग और संगीत दोनों पसंद किए। सुंदर दोपहर बनाने के लिए किसी पक्षी को सब कुछ करना नहीं पड़ा।
पन्ना 10

सूर्यास्त पर उसने बुलबुल को धन्यवाद दिया। वह अपने हुनर खोज सकता था और दूसरे के भी पसंद कर सकता था। बगीचे में कई सुंदरताओं की जगह थी।
About this Neutoons edition
Preserves Juno and the peacock’s request for a nightingale voice; makes clear this is a classical fable and frames diverse gifts without discouraging learning.
Source tradition: Aesop. Based on “The Peacock and Juno” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



