चारे में झपकी
उनींदा कुत्ता समझता है कि जो उसके काम का नहीं, उसे रोकना ठीक नहीं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

सुबह के बाद भूरा कुत्ता ठंडे खलिहान में आया। लकड़ी की नाँद में नरम चारा था। वह उसमें गोल होकर सो गया।
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पन्ना 2

खेत से लौटा बैल भूखा था। वह अपनी नाँद की ओर आया। वहाँ शाम का चारा कुत्ते के आने से पहले रखा गया था।
पन्ना 3

बैल ने नाक चारे की ओर की। कुत्ता चौंककर जागा और भौंका। अपना आराम बचाने के लिए वह नाँद के मुँह पर खड़ा हो गया।
पन्ना 4

बैल पीछे हुआ और बोला कि उसे खाना चाहिए। कुत्ता फिर भौंका। वह खुद चारा नहीं खाता था, मगर बैल को भी नहीं लेने देता था।
पन्ना 5

शांत खलिहान में दोनों दुखी खड़े थे। बैल भूखा था, कुत्ते की नींद भी गई। चारे की पहरेदारी किसी को फायदा नहीं दे रही थी।
पन्ना 6

बैल ने दीवार के पास मोड़े कंबल को दिखाया। वह गरम, सूखा और कुत्ते के लिए था। कुत्ते ने उसे देखा, फिर चारे को।
पन्ना 7

कुत्ते ने तिनका सूँघा। चारा उसका खाना नहीं था। उसने आराम की जगह चुनते समय नहीं सोचा था कि वह किसके भोजन पर लेटा है।
पन्ना 8

वह सँभलकर उतरा और कंबल पर चला गया। बैल खाने लगा। खलिहान में एक के भोजन और दूसरे की झपकी, दोनों की जगह थी।
पन्ना 9

कुत्ते ने रास्ता रोकने के लिए माफी माँगी। बैल प्यार से सिर हिलाकर चबाता रहा। छोटे बदलाव ने सारी भौंक से अधिक शांति ला दी।
पन्ना 10

कुत्ता अपनी जगह फिर सो गया। बैल ने पास ही भोजन पूरा किया। किसी की चीज़ रोकने से वह रोकने वाले के काम की नहीं हो जाती।
About this Neutoons edition
Preserves the unused food blocked by a dog; replaces threatening bites and unresolved exclusion with apology and a suitable dog bed.
Source tradition: Aesop. Based on “The Dog in the Manger” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



