उधार के पंख
नीलकंठ उधार के रूप में अपने बारे में सच बोलना सीखता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

छोटा नीलकंठ उस बगीचे में आया जहाँ मोर घूमते थे। उनकी नीली-हरी पूँछ चमकती थी। उसे लगा, काश उसके पंख भी इतने शानदार हों।
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पन्ना 2

नीची दीवार के नीचे मोरों के गिरे पंख मिले। हर पंख पर आँख जैसा चमकीला निशान था। उसने कई पंख घास पर सजाए।
पन्ना 3

नीलकंठ ने पंख अपनी पूँछ के पीछे लगाए। सुंदर पंखा बना, लेकिन चलते समय हिलता था। उसने गर्व से धीमे चलने का अभ्यास किया।
पन्ना 4

वह मोरों के बीच गया। पंखों की सजावट बताने के बजाय बोला कि अब वह उनमें से है। दूसरे नीलकंठ पेड़ से देख रहे थे।
पन्ना 5

मोरों ने ढीले पंख और नीचे छोटे पक्षी को देखा। उन्होंने नीलकंठ पहचान लिया। एक ने पूछा कि वह दूसरा बनने का नाटक क्यों कर रहा है।
पन्ना 6

नीलकंठ झेंप गया। एक पंख गिरा, फिर दूसरा। उधार के पंखे के बिना वह सुबह जैसा था, अपनी सुघड़ नीली पंखों वाली पहचान में।
पन्ना 7

वह अपने साथियों के पेड़ पर लौटा। उन्हें उसकी कमी लगी थी। दुख भी था कि उसने उनका साथ कमतर समझने जैसा व्यवहार किया था।
पन्ना 8

उसने माफी माँगी और मोरों की प्रशंसा बताई। साथियों ने कहा, सुंदर पंख पसंद करो, पर अपनी पहचान और दोस्तों की कद्र भी करो।
पन्ना 9

उसने गिरे पंख दीवार पर सजाए। मोरों और नीलकंठों ने मिलकर देखा। इस बार उसने उन्हें संग्रह कहा, अपनी पूँछ नहीं बताया।
पन्ना 10

घर उड़ते समय उसके नीले पंख आसमान में चमके। उधार के रंग अच्छे हो सकते हैं, मगर उसकी आवाज़, हुनर और दोस्तियाँ भी मूल्यवान थीं।
About this Neutoons edition
Preserves borrowed peacock feathers and exposed pretence; replaces pecking and permanent rejection with honest apology, collection and inclusion.
Source tradition: Aesop. Based on “The Jay and the Peacock” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



