सम्राट के नए कपड़े
दो डींग मारते बुनकर घमंडी सम्राट को बहकाते हैं। बच्चे की सच्ची बात दिखावा खत्म करती है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Emperor retains shirt and trousers throughout; no nudity. Ending adds admission and practical repair while preserving central deception and child’s truth.
पन्ना 1

सम्राट को नए कपड़े बहुत पसंद थे। अलमारियों से कमरे भरे थे। दो अजनबी बोले कि वे ऐसा कपड़ा बनाते हैं जो मूर्खों को दिखाई नहीं देता।
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पन्ना 2

सम्राट ने पैसे, रेशम और सोने का धागा दिया। उन्होंने थैलों में छिपाया और खाली करघे पर काम दिखाया। हाथ चले, पर कपड़ा नहीं बना।
पन्ना 3

बूढ़े मंत्री देखने आए। कुछ नहीं दिखा, पर मूर्ख कहलाने से डर गए। अजनबियों ने रंग बताए तो उन्होंने सिर हिलाकर कपड़े को बहुत सुंदर कहा।
पन्ना 4

दूसरे अधिकारी ने भी खाली करघे की तारीफ़ की। सम्राट दरबार के साथ आए। कोई विरोध नहीं चाहता था। सब शब्दों में बने नक़्शों की प्रशंसा करते रहे।
पन्ना 5

अजनबियों ने नया चोगा तैयार बताया। हवा को उठाया, काटा और सिला। सम्राट साधारण कमीज़-पतलून में थे और वे खाली हवा से पहनाने लगे।
पन्ना 6

आईने में बस सामान्य कपड़े थे। फिर भी सम्राट ने तारीफ़ की। सेवक काल्पनिक चोगा पकड़ते चले और जुलूस छतरी के नीचे शहर की ओर निकला।
पन्ना 7

लोग दूसरों को देखकर ताली बजाते रहे। बच्चे ने साफ़ कहा कि बस रोज़ की कमीज़-पतलून हैं। पास वालों ने फिर देखा और सच धीरे-धीरे कहने लगे।
पन्ना 8

चौक में बात फैल गई। सम्राट झेंपे, पर छल समझ गए। जुलूस रोककर माना कि वे भी सच कहने से डर रहे थे।
पन्ना 9

झूठे बुनकरों से सामान वापस लिया गया। असली कारीगरों ने उपयोगी कपड़े बनाए। सम्राट ने बच्चे को धन्यवाद दिया, जिसकी बात ने महँगा छल समाप्त किया।
पन्ना 10

अगले जुलूस में साधारण असली कोट पहना। सम्राट ने सिर्फ़ तारीफ़ नहीं, सवाल भी चाहे। सबने सचमुच पसंद किया। खाली हवा को कपड़ा नहीं कहना पड़ा।
कहानी का सार और सीख
दो अजनबी अदृश्य कपड़ा बुनने का नाटक करते हैं। अधिकारी और सम्राट मूर्ख दिखने के डर से खाली करघों की तारीफ करते हैं। जुलूस में एक बच्चा वही बताता है जो सच में दिख रहा है। सम्राट अपनी गलती मानता है और आगे ईमानदार सवाल पूछने को कहता है।
इस रूपांतरण से क्या सीख मिलती है?
हम जो देखते हैं और जो दूसरे हमसे कहलवाना चाहते हैं, उनमें फर्क समझना मददगार है। इस रूपांतरण में गलती मानने और उसे सुधारने की अहमियत भी है। सम्राट पूरी कहानी में अपनी साधारण कमीज़ और पतलून पहने रहता है।
साथ में बात करें
- पहला मंत्री क्या देखता है और कुछ और क्यों कहता है? पन्ना 3
- जुलूस में बच्चा कौन-सी बात बताता है? पन्ना 7
- दोनों जुलूसों के बीच सम्राट के व्यवहार में क्या बदलाव आता है? पन्ना 10
कहानी पढ़कर करें
दो खानों पर “क्या देखा” और “क्या कहा” लिखें। मंत्री, सम्राट और बच्चे के लिए कहानी या चित्रों से एक-एक पंक्ति भरें। अंत में ऐसा विनम्र और सच्चा सवाल लिखें जो कोई खाली करघे के पास पूछ सकता था।
प्रिंट करने की कार्यपत्रिका और उत्तर
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling, based on the cited old collection; shortened and softened for family reading.
Source tradition: Danish literary fairy tale. Based on “The Emperor’s New Clothes” in Andersen's Fairy Tales. Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



