एक पेड़ से चार मुलाकातें
चार भाई अलग मौसम देखकर समझते हैं कि हर एक ने पूरी तस्वीर नहीं देखी।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

चार भाइयों ने जंगल के अद्भुत लाल कलियों वाले पेड़ के बारे में सुना। हर एक पहले देखना चाहता था। पिता का बूढ़ा गाड़ीवान रास्ता जानता था और ले जाने का वादा किया।
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पन्ना 2

सबसे बड़ा ठंडी सुबह में गया। चौड़ी धूसर चट्टान के पास पत्तों बिना काला पेड़ खड़ा था। नंगी डालियाँ देखकर उसे हैरानी हुई कि लोग इसे अद्भुत क्यों कहते हैं।
पन्ना 3

दूसरा भाई गर्म वसंत में गया। वही पेड़ छोटी लाल कलियों से चमक रहा था। वह खुश लौटा और उसे यकीन हुआ कि बड़े भाई ने शायद गलत जगह देखी थी।
पन्ना 4

तीसरा तब पहुँचा जब हरे पत्ते हर डाल पर थे। उनकी छाया नीचे परिचित चट्टान को ठंडा करती थी। उसे लाल कलियाँ नहीं दिखीं और पेड़ का नाम अजीब लगा।
पन्ना 5

छोटे की बारी तक कम होते पत्तों के बीच फलियाँ लटक रही थीं। उसने गिरी फली हल्के से छुई और घर लौटा। भाइयों ने इस चीज़ का कभी वर्णन नहीं किया था।
पन्ना 6

घर में चारों ने यात्राएँ बताईं। एक बोला, “वह खाली है।” दूसरा बोला, “उस पर लाल कलियाँ हैं!” हरे पत्ते और फलियाँ जुड़ते गए और बहस तेज होती गई।
पन्ना 7

पिता ने सुनकर पूछा कि कौन कब गया था। चारों ने अलग महीने बताए। पिता बोला, “एक ही पेड़ देखा, पर वह अपने साल के अलग हिस्सों में बढ़ रहा था।”
पन्ना 8

गाड़ीवान ने परिचित चट्टान और मुड़े तने की पुष्टि की। वे नहीं बदले थे। भाइयों ने समझा कि हर विवरण सच था, पर अकेला विवरण पेड़ की सारी संभावनाएँ नहीं बताता।
पन्ना 9

उन्होंने आने वाले मौसमों में साथ जाने का फैसला किया। इस बार सवाल पूछे और ध्यान से देखा। नंगी डालियाँ कोई कमी नहीं थीं। वे एक लंबी कहानी का सिर्फ एक पल थीं।
पन्ना 10

महल में वे बिना चिल्लाए बातें बाँटने लगे। हर भाई उपयोगी हिस्सा लाया था। चारों को सुनकर बनी तस्वीर किसी बहस को जीतने से अधिक पूरी और सुंदर थी।
About this Neutoons edition
An original ten-page English and Hindi retelling of the named traditional story. Dialogue and descriptive details are newly written.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Red-Bud Tree” in More Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1922). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



