एक मटर का मोह
एक बंदर एक मटर के पीछे भागते हुए अपनी पूरी मुट्ठी खो देता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

राजा की गाड़ियाँ जंगल के पेड़ों तले रुकीं। घोड़े सामान की टोकरियों के पास रखे मटर खा रहे थे। लोग भोजन कर रहे थे। नीची डाल पर बैठा बंदर हरा भोजन देख रहा था।
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पन्ना 2

पास कोई नहीं था तो बंदर नीचे आया और गिरे मटर मुट्ठी में भरे। वह मजबूत डाल पर लौटकर बैठा। अचानक मिले नाश्ते से खुश होकर जल्दी खाना चाहता था।
पन्ना 3

एक मटर उँगलियों से फिसलकर नीचे पत्तों में गिरा। बंदर उसे देखता रहा। हाथ में कई मटर थे, पर गुम हुआ अकेला दाना उसे अचानक बहुत जरूरी लगने लगा।
पन्ना 4

बिना सोचे उसने खोए मटर की ओर हाथ बढ़ाकर दोनों मुट्ठियाँ खोल दीं। बाकी मटर भी नीचे गिर गए। वह डाल से उतरा और घने पत्तों में खोजने लगा।
पन्ना 5

उसने टहनियाँ उठाईं, पत्ते हटाए और छोटे गड्ढे देखे। पहला मटर कहीं नहीं मिला। उधर छोटे पक्षियों ने पेड़ से दूर बिखरे बाकी मटर खुशी से चुग लिए।
पन्ना 6

आखिर वह खाली हाथ ऊपर लौटा। कंधे झुक गए। बोला, “एक छोटी चीज़ के पीछे भागा और जो अच्छी चीज़ें मेरे पास थीं, उन्हें सुरक्षित रखना ही भूल गया।”
पन्ना 7

राजा ने पूरी घटना देखी थी। उसे महल बड़ा करने की योजना याद आई, जिससे शांत बगीचा हटता। उसने सोचा कि क्या बड़ी इमारत के लिए इतनी अच्छी जगह खोना ठीक होगा।
पन्ना 8

उसने साथियों से महल बढ़ाने की योजना रोकने को कहा। बगीचा छाया, फूल और बच्चों के खेलने की जगह देता था। ये उपहार रखना एक और बड़े कमरे से अधिक जरूरी था।
पन्ना 9

जाने से पहले साथी ने पेड़ के पास थोड़ा मटर रखा। इस बार बंदर ने सावधानी से पकड़ा। एक दाना लुढ़का तो उसने बाकी गिराने की जगह आराम से खाना जारी रखा।
पन्ना 10

गाड़ियाँ घर लौटीं और बगीचा जीवन से भरा रहा। बंदर अपने जंगल में रहा। दोनों ने सीखा कि अधिक पाने की कोशिश में पहले देखना चाहिए कि क्या खो सकता है।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling; the king’s military invasion is replaced by a planned unnecessary palace expansion.
Source tradition: Indian Jataka tale. Based on “The Penny-Wise Monkey” in More Jataka Tales, retold by Ellen C. Babbitt (The Century Co., 1922). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



