हरिशर्मा के संयोग भरे जवाब
ज्योतिषी समझे गए व्यक्ति को सीख मिलती है कि संयोग भरे जवाब ईमानदारी की जगह नहीं ले सकते।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Harisarman’s hidden horse and false claims are mistakes, not recommended tactics. Coincidence reveals clues; he makes amends instead of continuing the deception.
पन्ना 1

हरिशर्मा संपन्न घर में काम करता, पर अनदेखा महसूस करता था। बड़े विवाह में फिर भुलाया गया। दुख बताने के बजाय उसने अपने को अधिक बुद्धिमान दिखाने की मूर्खतापूर्ण योजना बनाई।
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उसने घर का घोड़ा पास के सुरक्षित अस्तबल में छिपाया। खोज शुरू हुई तो बोला कि रहस्यपूर्ण ज्ञान से जगह जान सकता है। उसने वही ठिकाना बताया जहाँ खुद छिपाया था।
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घोड़ा सुरक्षित लौटा और लोग उसकी कथित विद्या सराहने लगे। हरिशर्मा जानता था कि प्रशंसा छल पर थी। बात सुलझने से पहले राजा ने सुना और महल का खोया धन खोजने बुलाया।
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शांत कमरे में अकेला वह बोला, “अरे मेरी जीभ! कैसी मुसीबत लाई!” बाहर जिह्वा नाम की सेविका ने सुना। उसका नाम जीभ का अर्थ रखता था। उसने अपना भेद खुला समझा।
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जिह्वा ने माना कि उसने धन अनार के पेड़ नीचे छिपाया था। हरिशर्मा ने लौटाकर राजा को सच बताने को कहा। सुबह दोनों मिली थैलियाँ महल के आँगन में लाए।
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राजा खुश था, पर सलाहकार ने पूछा कि हरिशर्मा कैसे जानता था। परीक्षा के लिए उसने हवा वाले ढके मटके में छोटा मेंढक रखा। हरिशर्मा को छिपी चीज़ बतानी थी।
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अपनी कहानी से वह घिरा महसूस करता था। बचपन का नाम याद करके बोला, “बेचारे मेंढकू, आखिर पकड़े गए!” सलाहकार ने ढक्कन उठाया और असली मेंढक रोशनी में झाँकने लगा।
पन्ना 8

सब उत्तर से हैरान हुए। वह और पुरस्कार ले सकता था, पर मन बेचैन था। यह संयोग था, शक्ति नहीं। वह खड़ा हुआ और राजा से पूरी शुरुआत सुनने को कहा।
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उसने घोड़ा छिपाना माना और दोनों संयोग समझाए। पुरस्कार लौटाकर माफी माँगी। राजा ने सुना, जिह्वा को धन लौटाने का धन्यवाद दिया और उससे पूछा कि कौन-सा ईमानदार काम कर सकता है।
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उसने अस्तबल में मदद चुनी ताकि असली कौशल बढ़े। मेंढक बाग के ताल में लौट गया। झूठी प्रसिद्धि गई, पर सच व्यवहार से टिकने वाला नाम मिला, जो अधिक भरोसेमंद था।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling. The source rewards Harisarman’s fraud with wealth; this adaptation explicitly ends with confession, returning rewards and choosing honest work. No threats or punishments are shown.
Source tradition: Indian traditional tale. Based on “Harisarman” in Indian Fairy Tales, edited by Joseph Jacobs (David Nutt, 1892). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



