चाँद की छोटी पोटली
आकाश के तीन भाई-बहन दावत में जाते हैं, पर घर में इंतज़ार करती माँ एक को याद रहती है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
This is a personified sky folk tale, not a scientific explanation of weather or astronomy.
पन्ना 1

सूरज, चाँद और पवन अपनी चमकती सितारा माँ के साथ रहते थे। शाम को मौसी और मामा ने बादलों के बाग पार दावत में बुलाया। माँ घर पर उनका इंतज़ार करने रही।
पन्ना या चर्चा चुनें
पन्ना 2

तीनों गुलाबी बादलों के पुल से चले। सूरज गर्म रोटी की सुगंध की ओर जल्दी गया। पवन उड़ते फीते देखता चला। चाँद ने पीछे देखा। माँ दीपक पास अब भी हाथ हिला रही थी।
पन्ना 3

दावत की मेज़ पर चावल, सब्ज़ी, फल और मिठाई थी। मेज़बानों ने प्यार से स्वागत किया। सूरज बैठा, पवन ने सजावट देखी और चाँद ने पहली थालियाँ आगे पहुँचाईं।
पन्ना 4

सूरज हर पकवान चखकर अगले के बारे में सोचता। पवन हँसा और उड़ता रुमाल पकड़ने गया। दोनों ने न बीतती शाम देखी, न सोचा कि सितारा माँ क्या खाएगी।
पन्ना 5

चाँद को अपने दरवाज़े का दीपक याद आया। बच्चों के जाने के लिए माँ घर पर रही थी। चाँद ने मेज़बानों से साफ कपड़ा और थोड़ा भोजन ले जाने की अनुमति माँगी।
पन्ना 6

मेज़बानों की मदद से चाँद ने रोटी, फल और ढका छोटा कटोरा बाँधा। पोटली बड़ी नहीं थी, पर दावत का स्वाद उसमें था। चाँद ने कोने अच्छे से बाँधकर साथियों का साथ लिया।
पन्ना 7

तीनों अँधियाते बादल पुल से लौटे। सूरज ने मीठे हलवे और पवन ने संगीत की बात की। चाँद दोनों हाथों से पोटली सँभाले चला। आगे उनका परिचित दरवाज़ा चमक रहा था।
पन्ना 8

चाँद ने माँ के दीपक पास पोटली रखकर कोने खोले। सूरज और पवन रोटी और फल देखने झुके। चाँद दावत का थोड़ा स्वाद सितारा माँ के लिए घर लेकर आया था।
पन्ना 9

सितारा माँ मेज़ पर आई और चाँद को धन्यवाद दिया। सूरज और पवन समझे कि घर में इंतज़ार करती माँ को भूल गए थे। माँ ने बचाया भोजन सबमें बाँटा। साथ सीखने की जगह अभी थी।
पन्ना 10

इस पुरानी आकाश कथा में चाँद की रोशनी ठंडी और कोमल है। सूरज और पवन अगली बार दूसरों को याद रखने का वादा करते हैं। दया से छोटी पोटली भी दावत लगती है।
About this Neutoons edition
Original bilingual folk retelling. Moon carries food in a clean cloth parcel instead of under fingernails; the mother’s harsh curses are replaced with a gentle lesson about remembering others. The saved parcel is opened by the siblings on page8 before Star joins them to share it on page9; this keeps the reunion sequence clear.
Source tradition: Indian traditional tale. Based on “How Sun, Moon, and Wind Went Out to Dinner” in Indian Fairy Tales, edited by Joseph Jacobs (David Nutt, 1892). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



