पेड़ और झुकता सरकंडा
तूफ़ान बताता है कि ताकत के कई रूप होते हैं।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

नदी के पास चौड़े मुकुट वाला ऊँचा पेड़ था। नीचे पत्थरों के बीच पतला सरकंडा उगा था। सुबह की हवा दोनों को हिलाती थी।
पन्ना या चर्चा चुनें
पन्ना 2

पेड़ ने गर्व से डालियाँ फैलाईं। उसे लगा, हवा में सरकंडा हमेशा क्यों झुकता है? सीधे खड़े होने से छोटा पौधा अधिक मज़बूत लगेगा।
पन्ना 3

सरकंडे ने कहा, जड़ें कीचड़ में मज़बूत हैं। तना बिना उखड़े झुक सकता है। हवा के साथ हिलने से वह सुरक्षित जमा रहता है।
पन्ना 4

पेड़ ने पत्ते हिलाए और और सीधा हुआ। मोटा तना, भारी डालियाँ और बहुत जड़ें थीं। उसे लगा कि कुछ भी उसे झुका नहीं सकता।
पन्ना 5

दोपहर को पहाड़ियों पर काले बादल आए। चमकती नदी धूसर हुई। तेज़ हवा किनारे से गुज़री और पत्ते पानी के साथ बहने लगे।
पन्ना 6

सरकंडा नीचे झुका, जड़ें जमी रहीं। पेड़ ने मुकुट कड़ा रखा। बारिश तेज़ हुई और खाली किनारे पर डालियाँ चरमराने लगीं।
पन्ना 7

ज़ोरदार झोंका चौड़े मुकुट से टकराया। भीगी मिट्टी जड़ों के पास ढीली हुई। पेड़ किनारे पर गिरा। आसपास कोई नहीं था।
पन्ना 8

बादल हटे तो नदी पर धूप लौटी। सरकंडे ने तना उठाया। झुकी पत्तियों से बूंदें गिरीं। छोटा हरा पौधा फिर सीधा खड़ा था।
पन्ना 9

गिरा पेड़ पानी के पास पड़ा था। बड़ा होना हर दबाव से रक्षा नहीं करता। सरकंडे का लचीलापन उसी तूफ़ान में उसे बचा गया।
पन्ना 10

पक्षी नीची डालियों पर बैठे और पास पौधे उगे। नदी बहती रही। उसके किनारे ताकत का मतलब ऊँचा खड़ा होना और झुकना, दोनों था।
About this Neutoons edition
Expanded original bilingual retelling of the cited fable; dialogue and setting details are newly written.
Source tradition: Aesop. Based on “The Tree and the Reed” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



