फूलों की परियाँ
चार फूलों की परियाँ विद्वान के चाँदनी बगीचे में आकर वसंत के तूफान से पहले मदद माँगती हैं।
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बड़ों के लिए कहानी का नोट
The old tale links flowers and winds to spirits. This version omits physical punishment, magical eating and immortality; the thanks is a gift of beautiful flowers. Flags do not protect real gardens from storms.
पन्ना 1

एक विद्वान का छोटा घर पेड़-पौधों में लगभग छिपा था। वह धैर्य से विलो, आलूबुखारे, आड़ू और अनार की देखभाल करता। वसंत की शाम वह बाहर बैठकर उनकी खुशबू लेता।
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पन्ना 2

एक चाँदनी रात एक युवती ने साथियों को आँगन में आराम करने देने की विनती की। विद्वान ने स्वागत किया। जल्दी ही चार सुंदर मेहमान फूल और खुशबू भरी शाखाएँ लेकर आए।
पन्ना 3

हरी पोशाक वाली ने अपना नाम विलो बताया। बाकी आलूबुखारा, आड़ू और अनार थीं। नाम जाने-पहचाने, मगर रहस्यमय थे। वे हवा के साथ आने वाली मौसियों का इंतज़ार कर रही थीं।
पन्ना 4

जल्दी ही हवा जैसी मेहमान आँगन में आईं। उनकी आस्तीनें बादलों-सी लहरा रही थीं। फूलों की परियों ने फल और मीठा रस दिया। चाँद के नीचे सबने संगीत सुना और उनका नृत्य देखा।
पन्ना 5

भोज में एक मौसी का प्याला पलटा और अनार की लाल पोशाक पर रस गिरा। अनार ने तीखी बात कही। मौसियाँ नाराज़ होकर चली गईं। अच्छी शाम के अंत में सब दुखी थे।
पन्ना 6

अगली शाम चारों चिंतित होकर लौटीं। उन्होंने बताया कि वे उसी बगीचे के पौधों की परियाँ हैं। तेज़ पूर्वी हवा आने वाली थी और उन्हें थोड़ी मदद चाहिए थी।
पन्ना 7

उन्होंने सूर्य, चाँद और तारों वाला छोटा लाल झंडा बनाने को कहा। उनके जादुई बगीचे में वह उन्हें बचाएगा। विद्वान ने वादा किया और दीपक के उजाले में ध्यान से झंडा बनाया।
पन्ना 8

सुबह उसने बगीचे की पूर्व दिशा में झंडा लगाया। जल्द तूफान दीवार के बाहर पेड़ों को झुकाने लगा। भीतर फूल स्थिर रहे, जैसे कोई नरम अदृश्य छत उन्हें बचा रही हो।
पन्ना 9

शाम को विलो, आलूबुखारा, आड़ू और अनार धन्यवाद में चमकते फूल लाईं। उसने उन्हें पानी की कटोरी में रखा। अब उसे समझ आया कि उनके रंग और खुशबू इतने परिचित क्यों थे।
पन्ना 10

हर वसंत वह पौधों की देखभाल करते हुए अनोखा चाँदनी भोज याद करता। हवा शाखाएँ हिलाती तो वह प्यार से सुनता और चार आभारी मेहमानों को खुशबू भरे बगीचे में नाचते सोचता।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling, based on the cited old collection; shortened and softened for family reading.
Source tradition: Chinese folk tale. Based on “The Flower-Elves” in The Chinese Fairy Book — Richard Wilhelm, translated by Frederick H. Martens. Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.

