चींटियों का राजा
विद्वान का शांत कमरा नन्हा राजदरबार बनकर पैरों के नीचे का अनोखा संसार दिखाता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
The source ends with the scholar harming the ants. Here he puts down his book, discovers their nest without digging it up, and chooses peaceful boundaries. Tiny people and fish are fantasy.
पन्ना 1

एक विद्वान ने सुंदर बगीचे वाला शांत घर किराए पर लिया। वह बिना बाधा पढ़ना चाहता था। पड़ोसी कहते थे कि वहाँ अजीब मेहमान आते हैं, पर उसे घर आरामदेह और बगीचा शांत लगा।
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पन्ना 2

एक शाम फर्श पर हल्की टापें सुनाई दीं। नन्हे सवार कमरे में आए। उनके घोड़े मक्खियों से जरा बड़े थे। विद्वान झुककर देखने लगा। क्या थकी आँखें कल्पना कर रही थीं?
पन्ना 3

और मेहमान छोटी मेज़ें, परदे, प्याले और झंडे लाए। उन्होंने बड़ी तेजी से सब मेज़ के पास सजाया। जहाँ खाली कोना था, वहाँ नन्ही सभा बन गई।
पन्ना 4

आखिर लाल टोपी और बैंगनी पोशाक में राजा आया। सेवकों ने झुककर जगह बनाई। नन्हे मेहमानों को विद्वान की पानी की उथली तश्तरी बहुत बड़ी चमकती झील लगी।
पन्ना 5

उन्होंने तश्तरी किनारे तंबू लगाए और भोज शुरू किया। हल्का संगीत विद्वान तक पहुँचा। वह हर रंगीन आस्तीन देख सकता था, हालाँकि पूरा दरबार एक छोटी टोकरी में समा जाता।
पन्ना 6

जादुई तश्तरी में सतह के नीचे छोटी मछलियाँ चमकती लगीं। राजा उन्हें गर्व से देख रहा था। फिर उसने विद्वान को देखकर अपने शानदार दरबार और ऊँचे पद की डींग हाँकनी शुरू की।
पन्ना 7

उसने किताबों में समय बिताने पर विद्वान को चिढ़ाया। विद्वान को बुरा लगा और उसने गुस्से में पुस्तक उठाई। फिर वह रुक गया। छोटे मेहमानों को डराने से शाम अच्छी नहीं हो जाएगी।
पन्ना 8

उसने पुस्तक रख दी और मेहमानों से कमरा छोड़ने को कहा। छोटा दरबार दरवाज़े की ओर चला। उसके रंग फीके पड़े तो उसे फर्श पर साधारण चींटियों की लंबी कतार दिखी।
पन्ना 9

बाहर चींटियाँ बगीचे की पगडंडी के पास बिल में चली गईं। विद्वान ने उसे छेड़े बिना देखा। उनका संसार छोटा था, फिर भी वह घर था, जीवन और काम से भरा हुआ।
पन्ना 10

उसने खाना ढककर रखा और बगीचे का बिल नहीं छेड़ा। कमरा फिर शांत हुआ। पढ़ते समय कभी बैंगनी राजा याद आता तो पैरों के नीचे के अनोखे संसार पर वह मुसकरा देता।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling, based on the cited old collection; shortened and softened for family reading.
Source tradition: Chinese folk tale. Based on “The King of the Ants” in The Chinese Fairy Book — Richard Wilhelm, translated by Frederick H. Martens. Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.

