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Panchatantra · 8 min read · Ages 6+

चार मित्र

कौआ, चूहा, हिरण और कछुआ मिलकर सीखते हैं कि बचाव में हर मित्र की अपनी भूमिका होती है।

मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं

बड़ों के लिए कहानी का नोट

A hunter and two gentle rescue scenes. No injuries are shown.

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तालाब के किनारे चार जगहें

Mouse puts the fourth pebble in place; the friends greet one another.

हर शाम चार मित्र बरगद के नीचे मिलते थे। कौआ पेड़ों की चोटियों से खबरें लाता। चूहा जड़ों के बीच से निकल आता। हिरण रेत वाले रास्ते से आता और कछुआ धीरे-धीरे तालाब से बाहर चढ़ता।

एक शाम चूहे ने कहा, “आज देर हो गई!”

“एक नीली ड्रैगनफ्लाई को देख रहा था,” कछुए ने बताया। “बेचारी को बैठने के लिए तीन बार कोशिश करनी पड़ी।”

हिरण थोड़ा खिसका और उसके लिए जगह बना दी। चूहे ने जड़ पर चार चिकने कंकड़ रखे—हर मित्र के लिए एक। फिर सब अपने दिन की बातें करने लगे। देखते-देखते तालाब में शाम के रंग उतर आए।

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एक जगह खाली रह गई

An empty place. Crow crouches, pushes off, and flies out to search.

अगली शाम तीन मित्र इंतज़ार कर रहे थे। हिरण नहीं आया था। चूहे ने उसके कंकड़ को छुआ। कौआ रास्ते की ओर देख रहा था। कछुआ सरकंडों की आहट सुन रहा था।

“शायद कहीं मीठी घास मिल गई हो,” चूहे ने कहा।

पहला चमगादड़ ऊपर से गुज़र गया। फिर भी हिरण नहीं आया।

“वह पास पहुँचकर आवाज़ ज़रूर देता है,” कछुए ने धीरे से कहा।

कौआ ऊँची जड़ पर चढ़ा। “मैं उसके रास्ते पर जाकर देखता हूँ। तुम यहीं रहना।”

उसने झुककर पंख फैलाए और पेड़ों के बीच उड़ गया। चूहा कछुए के पास आ बैठा। आज किसी का कहानी सुनाने का मन नहीं था।

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पत्तों के नीचे से आवाज़

Crow asks Deer to stop pulling; the trapped hoof settles.

कौआ घुमावदार रास्ते के ऊपर उड़ रहा था। तभी नीचे से डरी हुई, धीमी आवाज़ आई।

हिरण जाल में फँसा था। एक फंदा उसके पैर में अटका था। वह जितना खींचता, रस्सियाँ उतनी कस जातीं।

“मुझे लगा, बस सूखी घास पड़ी है,” हिरण ने कहा। “अब निकल ही नहीं पा रहा हूँ।”

कौआ उसके सामने एक नीची डाल पर बैठ गया।

“खींचना बंद करो। मैं आ गया हूँ।”

हिरण ने सिर टिका दिया। उसके कान अब भी काँप रहे थे।

“मैं चूहे को लाता हूँ। इसी डाल को देखते रहना। मैं लौटूँगा।”

इस बार हिरण ने धीरे से सिर हिलाया।

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सबसे तेज़ रास्ता

Mouse climbs on. Crow takes off while Turtle starts down the path.

कौआ जल्दी लौट आया। “मोड़ के आगे जाल है। चूहे, तुम्हारी मदद चाहिए।”

चूहा तुरंत उठ खड़ा हुआ। “चलो!”

झाड़ियों वाले रास्ते से देर लगती। कौआ जड़ के पास झुक गया। चूहा उसकी पीठ पर चढ़ा और पंखों को हल्के से पकड़ लिया।

“तैयार?”

“तैयार।”

दोनों शाम की बची हुई रोशनी में उड़ चले।

कछुआ उन्हें देखता रहा। वह जानता था कि उतनी तेज़ी से नहीं जा सकता। लेकिन सरकंडों के पास वाला छोटा रास्ता उसे मालूम था।

“मैं भी आ रहा हूँ,” उसने कहा। फिर वह चल पड़ा—एक कदम, फिर दूसरा।

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एक-एक रेशा

Mouse cuts the strand; Deer withdraws the freed hoof before standing.

चूहा गाँठ के पास उतर गया। रस्सी उसकी पूँछ से भी मोटी थी।

“जल्दी करो,” हिरण ने फुसफुसाकर कहा।

“तुम हिलोगे नहीं, तो मैं जल्दी कर पाऊँगा,” चूहे ने नरमी से कहा।

उसने गाँठ पर पंजे टिकाए और रस्सी कुतरने लगा। एक रेशा टूटा। फिर दूसरा। कौआ रास्ते पर नज़र रख रहा था। हिरण अपना पैर बिल्कुल स्थिर रखे था।

फंदा थोड़ा खुला, पर अभी पूरा नहीं।

चूहे ने पकड़ बदली और आखिरी कसी हुई रस्सी कुतरी। आखिर फंदा ढीला होकर गिर गया।

हिरण ने धीरे से पैर बाहर निकाला। उसके बाद ही वह खड़ा हुआ।

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रास्ते पर एक मित्र

The hunter carefully lifts Turtle into the bag, then ties the mouth.

“तुम निकल आए!” जंगल के किनारे से कछुए ने पुकारा।

हिरण उसकी ओर मुड़ा। तभी कौए ने चेतावनी दी। रास्ते पर किसी के कदम सुनाई दे रहे थे।

हिरण पेड़ों के पीछे चला गया। चूहा जड़ के नीचे छिप गया। कौआ डाल पर उड़ बैठा। कछुए ने सरकंडों तक पहुँचने की कोशिश की, लेकिन शिकारी आ चुका था।

खाली जाल देखकर आदमी नीचे झुका। उसे कछुआ दिखाई दिया। उसने कछुए को बुनी हुई थैली में रखा और उसका मुँह डोरी से बाँध दिया।

छिपे हुए तीनों मित्र थैली को दूर जाते देखते रहे।

“हम उसे छोड़ नहीं सकते,” हिरण ने धीरे से कहा।

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कछुए को बचाने की योजना

Crow shows the route. Mouse points to the hiding place. Deer agrees.

कौआ शिकारी के ऊपर, ऊँचाई पर उड़ रहा था। आगे सरकंडों के पास रास्ता दो ओर बँटता था। उसके ठीक पीछे तालाब था।

वह हिरण और चूहे के पास लौटा। “हम उससे पहले पहुँच सकते हैं।”

हिरण ने सँकरे रास्ते की ओर देखा। “मैं खुली जगह में चुपचाप लेट जाऊँ, तो शायद वह पास आकर देखे।”

“मैं तुम्हारे पास रहूँगा,” कौए ने कहा।

चूहे ने थैली की पतली डोरी देखी। “और मैं वहाँ छिपूँगा, जहाँ वह थैली रखेगा।”

तीनों छोटे रास्ते से आगे निकल गए। हिरण ने मोड़ के पास जगह चुनी। चूहा सरकंडों में छिपा। अब हर मित्र को बाकी दोनों की जगह मालूम थी।

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थैली नीचे रखे जाने दो

The bag touches the ground. The hunter releases it and approaches Deer.

हिरण आँखें अधखुली रखकर लेटा था। कौआ उसके पास फड़फड़ाया, फिर आते हुए शिकारी की ओर देखने लगा।

आदमी रुक गया। उसने थैली ज़मीन पर रखी और हिरण की ओर एक कदम बढ़ाया।

सरकंडों के पीछे चूहा इंतज़ार करता रहा।

फिर एक और कदम।

थैली के भीतर कछुए को अपनी पीठ के नीचे ज़मीन महसूस हुई। तभी जानी-पहचानी फुसफुसाहट आई।

“मैं हूँ। नीचे ही रहना।”

चूहे ने डोरी पकड़ी। हिरण का मन उठकर भागने को हुआ, लेकिन थैली अभी बँधी थी। वह हिला नहीं। कौआ रास्ते पर थोड़ा आगे गया, ताकि शिकारी का ध्यान उसी ओर रहे।

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अब निकलो, कछुए!

Mouse loosens the cord. Turtle plants his front feet and crawls free.

डोरी जाल से पतली थी, लेकिन चूहा कोई चूक नहीं करना चाहता था। उसने एक ओर से डोरी कुतरी, फिर खींचकर गाँठ ढीली की।

थैली का मुँह खुल गया।

“अब निकलो, कछुए!”

कछुए ने सिर बाहर निकाला। अगले पैर ज़मीन पर टिकाए और धीरे-धीरे सरकंडों में चला गया। चूहा भी उसके पीछे छिप गया।

दोनों के छिप जाने पर ही कौए ने आवाज़ दी। हिरण उठकर मोड़ के पार दौड़ गया। कौआ उसके पीछे उड़ चला।

शिकारी वापस थैली की ओर मुड़ा। खुली डोरी ज़मीन पर पड़ी थी। सरकंडों के पीछे तालाब में एक छोटी-सी लहर फैल रही थी।

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चारों जगहें फिर भर गईं

Four places filled again. The friends settle together beneath the moon.

बरगद के नीचे लौटते-लौटते चाँद निकल आया था। थोड़ी देर तक कोई कुछ नहीं बोला।

फिर चूहे की नज़र चार कंकड़ों पर पड़ी। उसने कछुए का कंकड़ धीरे से बाकी कंकड़ों के साथ लगा दिया।

“मुझे डर लगा था,” कछुए ने कहा।

“मुझे भी,” हिरण बोला।

कौए ने पंख समेटे। “मैं बार-बार पीछे देख रहा था कि सब साथ हैं या नहीं।”

कछुआ अपने मित्रों के बीच बैठ गया। “तुम सब साथ थे।”

तालाब के उस पार एक नीली ड्रैगनफ्लाई पहली कोशिश में ही सरकंडे पर बैठ गई। इस बार चारों उसे देख रहे थे। वे वहीं बैठे रहे। साँसें शांत होने लगीं और चाँदनी में पानी धीरे-धीरे थम गया।

कहानी का सार और सीख

कौए को हिरण जाल में फँसा मिलता है। वह चूहे को लाता है, जो जाल काट देता है। फिर शिकारी कछुए को थैली में ले जाता है। इस बार हिरण और कौआ उसका ध्यान बाँटते हैं और चूहा थैली खोलता है। चारों सुरक्षित बरगद के नीचे लौट आते हैं।

इस रूपांतरण से क्या सीख मिलती है?

दोस्ती में परवाह के साथ सबकी अलग-अलग खूबियाँ और मिलकर बनाई गई योजना काम आती हैं। चूहा सबसे छोटा है, फिर भी उसकी मदद बहुत ज़रूरी है। बचाव तभी पूरा होता है जब सभी सुरक्षित हों।

साथ में बात करें

  1. जाल काटते समय चूहा हिरण को स्थिर रहने के लिए क्यों कहता है? पन्ना 5
  2. शिकारी के थैली रखते ही हिरण भाग क्यों नहीं जाता? पन्ना 8
  3. शुरू और अंत के चार कंकड़ कैसे बताते हैं कि हर मित्र की अपनी जगह है? पन्ना 10

कहानी पढ़कर करें

चार बड़े गोले बनाकर उन पर कौआ, चूहा, हिरण और कछुआ लिखें। हर गोले में उस मित्र की एक मदद लिखें या चित्र बनाएँ। गोलों को तीरों से जोड़कर दोनों बचाव सुनाएँ। कोई मित्र अकेला काम करता तो कौन-सा तीर गायब होता?

मुफ़्त कहानी कार्यपत्रिकाएँ

प्रिंट करने की कार्यपत्रिका और उत्तर

About this Neutoons edition

A fresh, expanded family retelling of the two rescues. The hunter captures but never injures an animal. Deer pretends to sleep rather than die. New dialogue and an opening pebble ritual are authored for this adaptation.

Source tradition: Panchatantra. Explore the source.

Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. Animated illustrations are available in the page-turning reader. The ten-page edition has no audio narration.

इस कहानी का वीडियो

अलग वीडियो Neutoons के YouTube चैनल पर उपलब्ध है। YouTube पर देखें.

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