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Panchatantra · 8 min read · Ages 6+

बंदर और मगरमच्छ

जामुन बाँटने से शुरू हुई दोस्ती में खतरा आने पर बंदर सोच-समझकर घर लौटने का रास्ता खोजता है।

मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं

बड़ों के लिए कहानी का नोट

A false friend threatens the monkey. He escapes safely; no graphic harm.

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नदी के ऊपर की डाल

Monkey holds a ripe purple jamun while sitting on a continuous branch joined to his riverside tree.

बंदर का पेड़ नदी के ऊपर झुका था। सुबह की धूप उसकी ऊँची डालियों पर पड़ती और सबसे नीची डाल पानी के ऊपर बैठने की अच्छी जगह बनाती।

जामुन पकने पर बंदर पहचान लेता कि कौन-से मीठे होंगे। वह गहरे बैंगनी फल चुनता और हल्के रंग वाले अगले दिन के लिए छोड़ देता।

नीचे, जहाँ छोटी धारा नदी में मिलती थी, मछलियाँ जमा होतीं। ऊपर की डालियों पर पक्षी आते। बंदर को अक्सर साथ मिल जाता, लेकिन वह कभी दूसरे किनारे नहीं गया था। बीच में चौड़ा बहता पानी था। इतनी दूर वह कूद नहीं सकता था।

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छाया में एक मेहमान

Monkey shares a ripe purple jamun with Crocodile below his tree.

एक गर्म दोपहर मगरमच्छ पेड़ की छाया में आकर रुका। बंदर ने नीचे उसकी लंबी हरी पीठ देखी।

“कभी ये खाए हैं?” उसने जामुन दिखाकर पूछा।

मगरमच्छ ने ना में सिर हिलाया।

बंदर ने एक पका फल गिराया। मगरमच्छ ने उसे लपका, चखा और आँखें झपकाईं। “अरे, यह तो बहुत मीठा है।”

बंदर ने दो और फल चुने। दोपहर ढलती रही और वे बातें करते रहे। मगरमच्छ ने मोड़ के आगे के गहरे कुंड के बारे में बताया, जहाँ दोपहर में भी पानी ठंडा रहता था। बंदर ने उस रामचिरैया की बात की, जो हमेशा एक ही टेढ़ी डाल चुनती थी। जाते समय मगरमच्छ ने फलों के लिए धन्यवाद दिया।

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पेड़ के पास की दोपहरें

Monkey offers one jamun to the long-bodied Crocodile and keeps two on a leaf beside his branch.

मगरमच्छ अगले दिन फिर आया, फिर उसके अगले दिन भी। कभी वह ऊपर की ओर हुई बारिश की खबर लाता। कभी बंदर डालियों के बीच मिला घोंसला दिखाता। अब दोनों बिना बोले एक-दूसरे के आने की आहट पहचान लेते थे।

उस सुबह केवल तीन पके जामुन बचे थे। बंदर ने एक मगरमच्छ को दिया और बाकी दो अपने पास चौड़े पत्ते पर रख लिए, सोचकर कि दोपहर से पहले खा लेगा।

“कल और पक जाएँगे,” उसने कहा।

मगरमच्छ फल लेकर घर गया। सूरज डूबने से पहले उसके परिवार में किसी ने बुरी माँग की—फल देने वाले बंदर को ले आओ, क्योंकि उन्हें उसका दिल चाहिए था। मगरमच्छ जानता था कि सच सुनकर उसका मित्र नहीं आएगा। वह बहुत देर तक पानी में चुपचाप पड़ा रहा।

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नदी पार आने का निमंत्रण

Monkey keeps one hand on the low branch as his foot reaches Crocodile’s back, then releases the branch only after he is supported.

उसी दोपहर बाद मगरमच्छ ने लौटकर आते ही फल नहीं माँगे।

“तुम मुझे कितनी बार खिलाते हो,” उसने कहा। “आज मेरे परिवार से मिलने चलो। हमें भी तुम्हें कुछ खिलाना चाहिए।”

बंदर ने नदी के पार देखा। “मैं इतनी दूर तैर नहीं सकता।”

“मैं ले चलूँगा। मेरी पीठ पर बैठकर अच्छी तरह पकड़ लेना।”

बंदर नीची डाल के सिरे पर ठिठका। मगरमच्छ कई दिनों से आ रहा था। वह उसकी बातें सुनता और हर बार खाने के लिए धन्यवाद देता था।

“ठीक है,” बंदर ने कहा। “लेकिन अँधेरा होने से पहले वापस ले आना।”

मगरमच्छ किनारे के पास आया। बंदर नीचे उतरा और सावधानी से उसकी पीठ पर बैठ गया।

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डाल से दूर

Monkey rides on Crocodile across the broad blue river.

शुरू में सफर आसान लगा। मगरमच्छ आराम से तैर रहा था। बंदर उनके पीछे फैलती लहरें देखता रहा। पानी से उसका पेड़ पहले से भी ऊँचा दिखता था।

फिर किनारा छोटा होने लगा। बंदर ने पकड़ कस ली। अब सिर के ऊपर डालियाँ नहीं थीं, केवल खुला आकाश था।

“क्या हम पहुँचने वाले हैं?” उसने पूछा।

“अभी नहीं।”

मगरमच्छ का जवाब छोटा था। उसने नदी के बारे में बातें करना बंद कर दिया था।

बंदर को यह चुप्पी महसूस हुई, लेकिन वह उतरकर कुछ पूछ भी नहीं सकता था। उसने दोनों हाथ पीठ पर टिकाए रखे। एक पत्ता धारा के साथ उसके घर की ओर बह गया।

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बीच नदी में सच

Crocodile glances back guiltily; Monkey grips firmly, then gathers a thought.

आखिर मगरमच्छ बोला। “मैंने जिस दावत का वादा किया था, हम वहाँ नहीं जा रहे। मेरा परिवार तुम्हारा दिल चाहता है। उन्होंने मुझे तुम्हें लाने को कहा था।”

बंदर घबरा गया। किनारा बहुत दूर था। नदी में कूदने से वह नहीं बच सकता था।

“तुमने कहा था कि मैं तुम्हारा मेहमान होऊँगा,” उसने कहा।

मगरमच्छ ने जवाब नहीं दिया।

बंदर का मन चिल्लाने को हुआ, लेकिन पहले उसे अपने पेड़ तक लौटना था। उसने धीरे से साँस ली, फिर एक और। पानी, दूरी और उसे ले जा रहे मगरमच्छ को देखा। मगरमच्छ अभी उसकी बात सुन रहा था। शायद वह कुछ ऐसा कह सके, जिससे मगरमच्छ लौट पड़े।

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बंदर की बनाई बात

Monkey points home and holds tight while Crocodile turns once to return.

“अरे,” बंदर ने हैरानी भरी आवाज़ बनाई, “तब तो हम एक चीज़ भूल आए।”

“क्या?”

“मेरा दिल। उसे तो मैं जामुन के पेड़ पर छोड़ आया। तुम्हें बताना चाहिए था कि कैसी मुलाकात के लिए ले जा रहे हो।”

असल में उसका दिल उसी के भीतर धड़क रहा था। उसे उसकी धड़कन महसूस हो रही थी। यह बनाई हुई बात थी, जिसे मगरमच्छ को सच मानना था।

“क्या तुम उसे ला सकते हो?” मगरमच्छ ने पूछा।

“अगर तुम मुझे मेरी डाल तक लौटा दो।”

मगरमच्छ ने सोचा। फिर अपनी बड़ी पूँछ से पानी धकेलकर किनारे की ओर मुड़ गया। धारा बदली तो बंदर ने पकड़ बनाए रखी। वह अभी मुस्कुराया नहीं।

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बस थोड़ा और पास

Monkey pushes off Crocodile's back, catches the low branch with both hands and climbs to safety.

जामुन का पेड़ पास आने लगा। बंदर को रामचिरैया की टेढ़ी डाल और उसी सुबह नीची डाल पर छोड़े हुए दो जामुन दिख गए।

उसने आँखों से दूरी नापी। अभी बहुत दूर।

मगरमच्छ थोड़ा और तैरा।

अब भी दूर।

बंदर तब तक रुका, जब तक वे नीची डाल के नीचे उथले पानी में नहीं पहुँचे। फिर उसने मगरमच्छ की पीठ पर पैर टिकाए, नीची डाल की ओर छलाँग लगाई और दोनों हाथों से उसे पकड़ लिया।

वह बिना रुके ऊपर चढ़ता गया। मोटी डाल पर सुरक्षित पहुँचकर ही उसने नीचे देखा। मगरमच्छ वहीं था।

“तुम्हारा दिल कहाँ है?” उसने पुकारा।

बंदर ने एक हाथ अपनी छाती पर रख लिया।

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अब पेड़ पर ही रहूँगा

Monkey remains safely on his branch and refuses another ride while Crocodile turns away.

“वह हमेशा मेरे साथ था,” बंदर ने कहा। “घर लौटने के लिए मैंने वह बात बनाई थी।”

मगरमच्छ ने नज़र झुका ली। “नीचे आ जाओ। जो हुआ, उसे भूल सकते हैं।”

बंदर ने सिर हिलाया। “मैं फिर तुम्हारी पीठ पर नहीं बैठूँगा।”

“लेकिन हम मित्र हैं।”

“तुमने सुरक्षित रखने का वादा किया और मुझे खतरे में ले गए।”

मगरमच्छ इंतज़ार करता रहा। बंदर डाल पर बैठा रहा। बातचीत पूरी करने के लिए उसे नीचे उतरने की ज़रूरत नहीं थी।

आखिर मगरमच्छ गहरे पानी की ओर मुड़ गया। बंदर उसके दूर चले जाने तक देखता रहा। फिर उसने छाल पर कसी, दुखती उँगलियाँ एक-एक करके ढीली कीं।

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घर पर रात का खाना

Monkey eats both saved jamuns in turn; a kingfisher brings its own berry to the evening branch.

शाम के पक्षी पेड़ पर लौट आए। बंदर कुछ देर चुप बैठा रहा। उसकी साँस धीरे-धीरे सामान्य हुई। उसने जड़ों से छूते पानी की आवाज़ सुनी और पैरों के नीचे अपनी जानी-पहचानी डाल महसूस की।

उसी सुबह छोड़े हुए दोनों जामुन अब भी वहीं थे। उसने एक खाया, फिर दूसरा। इतने बड़े डर के बाद उनकी मीठी चमक उसे घर जैसी लगी।

एक छोटा पक्षी पास आकर पके फल को देखने लगा। बंदर ने खिसककर उसे जगह दी। वह अपना पेड़ बाँट सकता था और यह भी तय कर सकता था कि किसे अपने पास आने दे।

आकाश गहरा होने पर वह सोने की जगह पर चढ़ गया। अब उसे कहीं और नहीं जाना था। समाप्त।

कहानी का सार और सीख

बंदर मगरमच्छ को जामुन खिलाता है। बाद में मगरमच्छ उसे नदी पार अपने घर ले जाने का प्रस्ताव देता है। बीच नदी में वह बताता है कि यह एक जाल है। बंदर कहता है कि वह अपना दिल पेड़ पर छोड़ आया है। लौटते ही वह डाल पकड़कर बच निकलता है और दोबारा सवारी करने से मना कर देता है।

इस रूपांतरण से क्या सीख मिलती है?

बंदर शांत होकर जल्दी सोचता है और सुरक्षित लौटने के बाद अपनी सीमा तय करता है। दयालु होने का मतलब यह नहीं कि सुरक्षा का वादा तोड़ने वाले पर फिर भरोसा करना पड़े। दिल पेड़ पर छोड़ने की बात कहानी में एक चाल है; असली जानवर ऐसा नहीं कर सकते।

साथ में बात करें

  1. मगरमच्छ के सच बताने से पहले बंदर उसके व्यवहार में क्या बदलाव देखता है? पन्ना 5
  2. कूदने से पहले बंदर उथले पानी तक पहुँचने का इंतज़ार क्यों करता है? पन्ना 8
  3. दोबारा नीचे बुलाने पर बंदर क्या जवाब देता है? पन्ना 9

कहानी पढ़कर करें

कागज़ को तीन हिस्सों में मोड़ें। जामुन बाँटने, नदी पार करने और सुरक्षित पेड़ पर लौटने के चित्र बनाएँ। हर चित्र के नीचे लिखें कि बंदर कैसा महसूस करता है और उसे क्या पता है। चित्रों से कहानी सुनाएँ, फिर बताएँ कि अंत में मना करना क्यों ज़रूरी था।

मुफ़्त कहानी कार्यपत्रिकाएँ

प्रिंट करने की कार्यपत्रिका और उत्तर

About this Neutoons edition

The familiar river retelling. The threat to eat the monkey’s heart is softened; his pretend missing-heart trick remains.

Source tradition: Panchatantra. Explore the source.

Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. Animated illustrations are available in the page-turning reader. The ten-page edition has no audio narration.

इस कहानी का वीडियो

अलग वीडियो Neutoons के YouTube चैनल पर उपलब्ध है। YouTube पर देखें.

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