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Panchatantra · 8 min read · Ages 5+

हाथी और चूहे

झील के रास्ते पर किया गया एक वादा हाथियों और चूहों को फिर मिलाता है।

मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं

बड़ों के लिए कहानी का नोट

Elephants become caught in ropes and are freed. No injuries are described.

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पत्थरों के बीच घर

Two brown mice explore a tiny stone doorway and its round landmark pebble.

पहाड़ी से पुराना गाँव खाली दिखता था। दरवाज़े गिर चुके थे और आँगनों में घास उग आई थी। लेकिन सपाट पत्थरों के नीचे चूहों की खूब चहल-पहल थी।

वे सँकरे रास्तों से बीज ले जाते और सोने की जगह पर नरम घास बिछाते। कुएँ के पास एक नन्हा चूहा अपने घर का रास्ता सीख रहा था।

“गोल कंकड़ के आगे से बाएँ मुड़ना,” चूहों के मुखिया ने बताया।

नन्हे चूहे ने वैसा ही किया और अपने दरवाज़े के पास निकल आया। गाँव के बाहर पेड़ों के बीच झील चमकती थी। हर शाम चूहे वहाँ पानी पीने जाते थे।

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गाँव के उस पार पानी

A calf searches a dry hollow while the adult elephant looks toward water.

उस गर्मी जंगल के पोखरों में पानी कम हो गया था। जहाँ हाथियों को पानी मिलने की उम्मीद थी, वहाँ कीचड़ बचा था। एक नन्ही हथिनी ने गड्ढे में सूँड़ डाली, फिर निराश होकर पीछे हट गई।

मुखिया को पुराने गाँव के पार की झील याद आई। “वहाँ गहरा पानी है,” उसने कहा। “सब साथ रहना। हम छाया वाले रास्ते से चलेंगे।”

झुंड उसके पीछे पेड़ों के बीच चल पड़ा। झील दिखने से पहले ही पानी की महक आने लगी। सबसे छोटा रास्ता पत्थर के आँगनों से होकर जाता था। हाथियों को ऊँचाई से नन्हे दरवाज़े सड़क की साधारण दरारों जैसे ही दिखे।

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हिलता हुआ दरवाज़ा

An elephant steps beside the tiny mouse doorway; its round stone shifts while both mice remain safely to one side.

कुएँ के पास एक भारी पैर पड़ा। पत्थर खिसका और एक चूहे के घर में रखे बीज बिखर गए।

“सब बाहर आओ!” मुखिया ने पुकारा।

चूहे अपने रास्तों से निकलकर टूटी दीवार की आड़ में पहुँचे। किसी को चोट नहीं लगी थी, लेकिन कई दरवाज़े तंग हो गए थे। गोल कंकड़ धूल में छिप गया था। नन्हे चूहे को घर का रास्ता नहीं मिल रहा था।

हाथी पीछे की परेशानी से अनजान झील की ओर बढ़ते रहे।

“लौटते समय भी वे यहीं से आएँगे,” एक बूढ़े चूहे ने कहा।

मुखिया ने टूटे दरवाज़ों को देखा। “उससे पहले हमें उनसे बात करनी होगी।”

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ज़रा नीचे देखिए

The elephant lowers his head to hear the tiny mice in the courtyard.

चूहों का मुखिया बड़े पदचिह्नों के पीछे-पीछे गाँव की चौखट तक पहुँचा। वह टूटी दीवार के पास एक नीची चट्टान पर रुका, हाथियों के पैरों से दूर।

“ज़रा सुनिए!” उसने पुकारा।

हाथियों का मुखिया आँगन के किनारे धूल पर सूँड़ रोके खड़ा था। पहले उसे बोलने वाला दिखाई नहीं दिया। चूहे ने दोनों पंजे हिलाए।

“इस नीची चट्टान के पास नीचे देखिए।”

हाथी ने सिर झुकाया।

“गाँव की दरारों में हमारे घर हैं,” चूहे ने बताया। “आपके पैरों से पत्थर खिसके और दरवाज़े बंद होने लगे। हमें आने-जाने का सुरक्षित रास्ता चाहिए।”

हाथी बिना आगे बढ़े सुनता रहा। “मुझे बताओ, तुम्हारे घर कहाँ से शुरू होते हैं।”

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लौटने का दूसरा रास्ता

The elephants take the broad path around the mice's homes.

दोनों गाँव के किनारे लौटे। चूहे ने कुआँ, टूटी दीवार और पत्थरों के नीचे बने छोटे दरवाज़े दिखाए।

“हमें पता नहीं था,” हाथी ने कहा।

उसने दीवार के बाहर की ज़मीन देखी। मज़बूत मिट्टी का चौड़ा रास्ता घरों के चारों ओर घूमकर जंगल की पगडंडी से मिलता था। वह कुछ लंबा था, लेकिन पूरे झुंड के लिए जगह थी।

मुखिया पहले खुद उस पर चला। काँटेदार झाड़ी के पास मोड़ जाँचा, फिर बाकी हाथियों को बुलाया।

नन्ही हथिनी उसके पदचिह्नों पर चली। दीवार के पीछे से नन्हा चूहा देख रहा था। इस बार सारे बड़े पैर गाँव के बाहर से गुज़र रहे थे।

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याद रखा हुआ वादा

Three mice repair their stone threshold and return the pebble to its place.

झुंड के जाने से पहले चूहों का मुखिया उसी चौखट वाली नीची चट्टान पर चढ़ गया।

“रास्ता बदलने के लिए धन्यवाद। कभी हमारी ज़रूरत पड़े, तो खबर भेजिएगा।”

हाथी ने पत्थर पर टिके नन्हे पंजों को देखा। उसने हँसी नहीं उड़ाई। “मैं याद रखूँगा,” उसने कहा।

उस दोपहर चूहों ने दरवाज़े साफ किए। दो चूहे धक्का देते, तो तीसरा दरार में फँसी घास खींचता। नन्हे चूहे को अपना गोल कंकड़ मिल गया। उसने उसे लुढ़काकर पुरानी जगह रख दिया।

कई दिनों तक घरों की ज़मीन नहीं काँपी। दीवार के बाहर बड़े पदचिह्नों से एक साफ रास्ता बन गया।

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मदद की खबर

An adult messenger elephant asks the mice for help outside their wall.

एक शाम दीवार के बाहर एक हथिनी आकर रुकी। उसकी साँस तेज़ चल रही थी। वह नए रास्ते पर ही ठहरी।

“झील के पास हमारा झुंड फँस गया है,” उसने कहा। “शिकारियों ने घास में रस्सियाँ छिपाई थीं। मैं पीछे थी, इसलिए बच गई।”

चूहों का मुखिया उसकी बात सुनने ऊपर चढ़ा।

“खींचने से गाँठें और कस रही हैं। क्या तुम मदद कर सकते हो?”

चूहे उसके आसपास जमा हो गए। किसी के दाँत तेज़ थे, कोई उलझी घास सुलझाना जानता था। कुछ इतने छोटे थे कि गाँठ के भीतर पहुँच सकते थे।

“हमें वहाँ ले चलो,” मुखिया ने कहा। “घनी घास में धीरे चलना, ताकि हम पीछे आ सकें।”

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पैर स्थिर रखिए

Mice work on ropes while the trapped elephants wait still beside the lake.

झील के पास हाथियों के चारों ओर रस्सियाँ थीं। उनके दूसरे सिरे मोटे पेड़ों से बँधे थे। निकलने की कोशिश करते-करते हाथी थक गए थे।

चूहों के मुखिया ने सबसे नीचे की गाँठ देखी।

“हम काम करें, तब स्थिर रहिएगा। पैर हिलाने से पहले बता दीजिएगा।”

हाथियों ने खींचना बंद कर दिया। चूहे टोलियों में बँट गए। कुछ गाँठ पर लगे, कुछ खुली जगह में रस्सी के सीधे हिस्से को कुतरने लगे।

कुछ रेशे टूटे। एक हाथी ने भार बदला, फिर उसे नीचे के चूहे याद आए।

“मुझे पैर हिलाना है,” उसने धीरे से कहा। चूहे हट गए। उसके बाद ही हाथी ने पैर उठाया।

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आखिरी मज़बूत रस्सी

The last rope opens, the mice stand clear, and the elephant lifts his foot free.

मिलकर काम करने पर भी रस्सियाँ तुरंत नहीं टूटीं। एक चूहे के जबड़े थकते, तो दूसरा उसकी जगह लेता। पहला थोड़ा आराम करता, पानी पीता और फिर लौट आता।

पहले एक हाथी छूटा, फिर दूसरा। वे खुली जगह में खड़े हो गए, ताकि काम करने वालों के लिए जगह रहे।

आखिरी गाँठ मुखिया को पकड़े थी। चूहों ने बाहर के रेशे ढीले किए, पर भीतर की मुड़ी रस्सी कसी रही।

“इधर जगह है!” सबसे छोटे मददगार ने नीचे की खाली जगह देखकर पुकारा।

दो चूहे वहाँ पहुँचे। आखिरी रेशे कटे और फंदा गिर गया। सारे चूहे पीछे हटे। तभी हाथी ने अपना पैर बाहर निकाला।

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पानी तक दो रास्ते

The freed elephant greets the mouse leader on a flat rock. Elephant and all three mice drink safely beside their own stones.

हाथियों के मुखिया ने सपाट चट्टान के पास सूँड़ झुकाई। चूहों का मुखिया ऊपर आया। वह थका था और धूल से भरा था।

“तुम आ गए,” हाथी ने कहा।

“आपने बुलाया, इसलिए हम आ गए,” चूहे ने कहा। “हमें रास्ता पता था।”

घर लौटने से पहले सबने झील का पानी पिया। हाथी खुले किनारे पर गए। चूहे दो पत्थरों के बीच से पानी तक पहुँचे। हर कोई आराम से अपनी बारी में पानी पी सका।

अगली सुबह झुंड फिर गाँव के बाहर वाले लंबे रास्ते से गया। टूटी दीवार के नीचे नन्हे चूहे को गोल कंकड़ मिला। वह बाएँ मुड़कर घर में घुस गया। बाहर भारी कदम गुज़रे, लेकिन उसका दरवाज़ा नहीं हिला। समाप्त।

कहानी का सार और सीख

पानी की ओर जाते हाथी पुराने गाँव से गुजरते हैं और अनजाने में चूहों के दरवाज़े दबा देते हैं। चूहों का मुखिया समझाता है तो झुंड घरों के बाहर का लंबा रास्ता चुनता है। बाद में हाथी रस्सियों में फँस जाते हैं। चूहे बारी-बारी से रस्सियाँ कुतरकर सबको छुड़ाते हैं। हाथी आगे भी सुरक्षित रास्ते से जाते हैं।

इस रूपांतरण से क्या सीख मिलती है?

दयालुता में दूसरों की बात सुनना और अपना व्यवहार बदलना भी शामिल है। छोटा होने से किसी की ज़रूरत या खूबी कम नहीं होती। दोनों समूह समझते हैं कि उनके काम का दूसरों पर क्या असर पड़ता है।

साथ में बात करें

  1. हाथियों का नेता लंबा रास्ता क्यों चुनता है? पन्ना 5
  2. पैर हिलाने से पहले हाथियों को चूहों को क्यों बताना चाहिए? पन्ना 8
  3. कैसे पता चलता है कि बचाव के बाद भी हाथी चूहों की बात याद रखते हैं? पन्ना 10

कहानी पढ़कर करें

गाँव, झील और दो रास्तों का नक्शा बनाएँ। चूहों के घर बचाने वाले रास्ते पर निशान लगाएँ। नक्शे के पास हाथियों और चूहों की एक-एक मदद का चित्र बनाएँ। बताएँ कि सबसे छोटा रास्ता हमेशा सबसे अच्छा क्यों नहीं होता।

मुफ़्त कहानी कार्यपत्रिकाएँ

प्रिंट करने की कार्यपत्रिका और उत्तर

About this Neutoons edition

The traditional harm to the mice is softened to damaged homes. The promise and rope rescue remain.

Source tradition: Panchatantra. Explore the source.

Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. Animated illustrations are available in the page-turning reader. The ten-page edition has no audio narration.

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