चरवाहा और झूठा खतरा
अकेला चरवाहा सीखता है कि भरोसे को सच्ची बातें चाहिए।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

युवा चरवाहा गाँव के पास पहाड़ी पर भेड़ें देखता था। झुंड शांत चरता, मगर दोपहर अकेली लगती। उसे बातचीत का साथी चाहिए था।
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पन्ना 2

उसने साथ बुलाने का रोमांचक उपाय सोचा। बिना भेड़िया देखे पुकारा कि झुंड के पास भेड़िया है। आवाज़ गाँव तक गई।
पन्ना 3

गाँव वाले मदद को आए। भेड़ें सुरक्षित थीं, लड़का मज़ाक पर मुसकराता था। झूठ समझकर उनके चिंतित चेहरे बदल गए।
पन्ना 4

उन्होंने कहा, खतरे पर काम छोड़ना गंभीर बात है। साथी चाहिए तो सच कहे। वह माना, मगर कुछ दिन बाद फिर झूठी पुकार लगाई।
पन्ना 5

इस बार वे थके और निराश थे। दो बार भरोसा टूटा था। उन्हें गाँव लौटते देखकर चरवाहे को पहले जैसी खुशी नहीं हुई।
पन्ना 6

बाद में पेड़ों के पास सचमुच भेड़िया आया। भेड़ें बाड़े की ओर भागीं। लड़के ने सच पुकारा, मगर पहले मज़ाकों से बात संदिग्ध लगी।
पन्ना 7

कुछ ने तीसरा मज़ाक समझा। फिर भी बड़े चरवाहे ने जाँच की। मिलकर झुंड भीतर किया। भेड़िया मैदान के बहुत बाहर रहा।
पन्ना 8

भेड़ों को चोट नहीं लगी, मगर देर से लड़का डरा। बार-बार झूठ के बाद सच पर भी शक होता है। भरोसा वापस बनाना कठिन था।
पन्ना 9

उसने माफी माँगी और पड़ोसियों का छूटा काम पूरा कराया। बड़े भी असली खतरा जाँचेंगे। सबको सच्ची पुकार और जिम्मेदार जवाब चाहिए थे।
पन्ना 10

अगली शांत दोपहर उसने काम बाद दोस्त बुलाया। सुरक्षित झुंड के पास दोनों बात करते रहे। साथी चाहने के लिए बनावटी खतरा नहीं चाहिए था।
About this Neutoons edition
Preserves two false alarms and doubt during real wolf sighting; replaces killed sheep with checked emergency and safe enclosure. Adults retain duty to verify danger; honest companionship resolves loneliness.
Source tradition: Aesop. Based on “The Shepherd’s Boy” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



