शेर की पोशाक में गधा
उधार की पोशाक दिखावे को सच नहीं बना सकती।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

चलते नाटक की पेटी के पास गधे को सुनहरी शेर-पोशाक मिली। नरम कपड़ा और अयाल शानदार थे। कलाकार उसे धूप में सुखा रहे थे।
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पन्ना 2

जिज्ञासु गधे ने पोशाक पहनी और छाया देखी। अयाल से वह बड़ा दिखा। उसने सोचा कि गाँव में सब शानदार शेर को निहारेंगे।
पन्ना 3

वह पोशाक की बात बताए बिना गाँव गया। दूर से लोगों और पशुओं को सुनहरा आकार शेर लगा। वे दरवाज़ों और बाड़ों के पीछे हटे।
पन्ना 4

अकेला मैदान उसे अच्छा लगा। डरकर हटने को उसने सम्मान समझा और खुद को महत्वपूर्ण माना। सिर उठाने पर उधार की अयाल हिली।
पन्ना 5

उसने शानदार आवाज़ निकालनी चाही। दहाड़ के बजाय परिचित ढेंचू गूँजी। गाँव वालों ने रुककर पोशाक के नीचे की आवाज़ पहचान ली।
पन्ना 6

लोमड़ी ने कपड़े से झाँकते कान दिखाए। आवाज़ ने पहचान बता दी थी। मुखौटा या अयाल नीचे के जीव को बदल नहीं सकती थी।
पन्ना 7

डर फैलाना देखकर गधा झेंपा। उसने पोशाक उतारकर माफी माँगी। चाहत प्रशंसा थी, मगर सच छिपाकर डर मिला था।
पन्ना 8

देखभाल करने वाले ने पोशाक लौटाने पर धन्यवाद दिया। नाटक में सब जानते हैं कि अभिनय है। मंच के बाहर उसी भेष ने गलत संदेश दिया।
पन्ना 9

शाम के नाटक में गधा अपने रूप में आया। कहानी में उसका सचमुच का ढेंचू सबको हँसाया। ध्यान पाने के लिए डराना नहीं पड़ा।
पन्ना 10

पर्दा बंद हुआ तो उसने कलाकार और लोमड़ी के साथ सिर झुकाया। पोशाक पेटी में थी। दिखावा मनोरंजन करे, भरोसा असली काम और बात से बनता है।
About this Neutoons edition
Replaces a real lion skin with a clearly artificial stage costume and beating with apology. Preserves mistaken identity, bray revealing truth and appearance-versus-conduct lesson.
Source tradition: Aesop. Based on “The Ass in the Lion’s Skin” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



