मुर्गा और मोती
मुर्गा कीमती चीज़ पाता है, पर वह उसका नाश्ता नहीं होती।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
An original child-friendly adaptation of an Aesop fable. Read together and discuss the choices rather than treating animal behaviour as a rule about people.
पन्ना 1

सूर्योदय में मुर्गा चारे के पास नाश्ता ढूँढ़ रहा था। मुर्गियाँ बाड़ के पास थीं। अचानक चमकती छोटी चीज़ उसकी आँख में आई।
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पन्ना 2

एक पैर से पुआल हटाया। नीचे चिकना सफेद मोती था। दाने जैसा गोल, पर अधिक चमकीला। मुर्गा झुककर उसे देखने लगा।
पन्ना 3

पहले सोचा, क्या यह भोजन है? पास से देखा तो न छिलका था, न नरम फल। निगलने के बजाय उसने उसे ज़मीन पर छोड़ दिया।
पन्ना 4

मोती धूप में सुंदर था, मगर भूख नहीं मिटा सकता था। दोनों साथ मिलें तो मुर्गा साधारण जौ का दाना खुशी से चुनता।
पन्ना 5

एक स्त्री टोकरी लेकर आई। उसने मुर्गे को पुआल देखते पाया और झुकी। मरम्मत करते समय उसके हार से यह मोती गिरा था।
पन्ना 6

उसने मोती उठाकर राहत से मुसकराई। उसके लिए प्रिय हार का हिस्सा था। मुर्गे के लिए नाश्ते की जगह पर बस रोचक चीज़ थी।
पन्ना 7

स्त्री ने साफ ज़मीन पर थोड़ा जौ डाला। मुर्गे ने खुश होकर दाने चुगे। चमकीली खोज से उस सुबह किसी और की मदद हुई थी।
पन्ना 8

मुर्गे को न खा सकने से मोती बुरा नहीं कहना था। वह किसी के लिए सुंदर और ज़रूरी था; उसके लिए साधारण दाना अधिक काम का।
पन्ना 9

मुर्गियाँ भी आईं। आँगन में चुगने की हल्की आवाज़ हुई। पास स्त्री ने हार बनाया। अलग ज़रूरतों से छोटी खोज के अलग अर्थ थे।
पन्ना 10

दोपहर में पुआल पर फिर साधारण बीज थे। मुर्गा खाना खोजता रहा। उसने सीखा कि कीमती चीज़ सबके लिए एक जैसे कीमती नहीं होती।
About this Neutoons edition
Expanded original bilingual retelling of the cited fable; dialogue and setting details are newly written.
Source tradition: Aesop. Based on “The Cock and the Pearl” in The Fables of Aesop, selected and told anew by Joseph Jacobs (Macmillan, 1894). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.



