संकरी राह पर दो राजा
दो रथों की संकरी राह पर मुलाकात से ताकत का नया अर्थ मिलता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Read together and discuss the characters’ choices. This adaptation softens threatening moments and does not reproduce the source illustrations.
पन्ना 1

बनारस का राजा न्याय से राज करना चाहता था। ताकत के साथ अपनी गलती भी जानना चाहता था, पर दरबार में प्रशंसा होती। उसने महल से बाहर सुनने का फैसला किया।
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पन्ना 2

सिर्फ गाड़ीवान के साथ वह साधारण रथ में निकला। गाँवों में सवाल पूछे और धीरज से सुना। सीमा के पार राजा मल्लिका भी अपने राज्य में ऐसी ही यात्रा कर रहा था।
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दोनों रथ संकरी राह पर आमने-सामने मिले। दोनों तरफ ऊँची ढलान थी। साथ गुजरने की जगह नहीं थी। गाड़ीवानों ने घोड़े रोके और शांत यात्रा में छोटी कठिन समस्या आ गई।
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एक बोला, “मेरे राजा के लिए हटो।” दूसरे ने वही कहा। कोई रथ नहीं हिला। बड़े पद और नाम से संकरी राह एक उँगली जितनी भी चौड़ी नहीं हुई।
पन्ना 5

उन्होंने उम्र, भूमि और धन तुलना की। आशा थी अंतर से फैसला होगा, पर सब बराबर था। आखिर बनारस के गाड़ीवान ने पूछा कि दोनों दूसरों से कैसा व्यवहार करते हैं।
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मल्लिका के गाड़ीवान ने कहा कि राजा ताकत को ताकत और गुस्से को गुस्से से जवाब देता है। उसने इसे दृढ़ता कहा। दूसरे ने सुनकर अलग उत्तर देने वाले राजा की बात कही।
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उसने समझाया, “मेरे राजा क्रोध को शांति, बेईमानी को सच और स्वार्थ को उदारता से जवाब देते हैं।” राह शांत हुई। मल्लिका ने सोचा कि इससे झगड़ा दोहराने की जगह बदल सकता है।
पन्ना 8

मल्लिका ने गाड़ीवान से जगह बनाने को कहा। उसने सावधानी से घोड़ों को पीछे चौड़ी जगह ले जाकर रथ हटाया। राजा धीरज से देखता रहा, जबकि दूसरे यात्री गुजरने को तैयार हुए।
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बनारस के राजा ने धन्यवाद दिया और घमंड बिना चला। मल्लिका मुस्कराया। जगह देने से किसी का सम्मान कम नहीं हुआ था। राह की समस्या ने प्रशंसा से अधिक सिखाया।
पन्ना 10

घर लौटकर मल्लिका ने अधिक शांत जवाब दिए। ताकत थी, पर इस्तेमाल बदला। संकरी राह की छोटी जगह ने सोचने का बहुत बड़ा रास्ता खोल दिया था।
About this Neutoons edition
An original ten-page English and Hindi retelling of the named traditional story. Dialogue and descriptive details are newly written. The passing maneuver is described from Mallika’s seated viewpoint to match the illustration; the choice to yield and the contrast between responses remain unchanged.
Source tradition: Indian Jataka tale collected in Indian Fairy Tales. Based on “A Lesson for Kings” in Indian Fairy Tales, edited by Joseph Jacobs (David Nutt, 1892). Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.