तीन भालू और अनचाही मेहमान
अनचाहा मेहमान भालुओं का दलिया, कुर्सियाँ और बिस्तर आजमाकर हुई गड़बड़ी सुधारने में मदद करता है।
मुफ़्त पढ़ें · दस सचित्र पन्ने · खाते की ज़रूरत नहीं
बड़ों के लिए कहानी का नोट
Keeps Jacobs’s elderly visitor, rather than later Goldilocks version. Adds apology, repair and permission; no threatening pursuit.
पन्ना 1

जंगल की कुटिया में बड़े, मझले और छोटे तीन भालू रहते थे। सबकी कटोरी, कुर्सी और बिस्तर अलग थे। एक सुबह दलिया खाने के लिए बहुत गर्म था।
पन्ना या चर्चा चुनें
पन्ना 2

दलिया ठंडा होने तक वे घूमने गए। लाल शॉल वाली बूढ़ी महिला रास्ते से आई। खुला दरवाज़ा देखकर बिना पूछे अंदर चली गई।
पन्ना 3

बड़ी कटोरी बहुत गर्म और मझली ठंडी लगी। छोटी कटोरी ठीक थी। उसने दलिया खा लिया और भूल गई कि वह किसी और का रखा खाना था।
पन्ना 4

फिर कुर्सियाँ देखीं। बड़ी कठोर और मझली बहुत मुलायम थी। छोटी आरामदायक लगी, पर उसका वजन न सँभाल सकी और सीट टूट गई।
पन्ना 5

थककर ऊपर गई। बड़ा बिस्तर ऊँचा और मझला बहुत नीचा था। छोटा आरामदायक लगा। उसी पर लेटकर वह गहरी नींद सो गई।
पन्ना 6

भालू लौटे तो चम्मच हिले और दलिया गायब था। छोटे ने खाली कटोरी देखी। फिर टूटी कुर्सी दिखी। तीनों सोचने लगे कि घर कौन आया था।
पन्ना 7

ऊपर छोटी खाट पर मेहमान मिली। उन्होंने धीरे पुकारा। वह चौंककर जागी। तीन हैरान भालू देखकर शॉल पकड़कर जल्दी दरवाज़े की ओर चली।
पन्ना 8

दरवाज़े पर रुककर उसे गलती समझ आई। खाना खाने और बिना पूछे चीज़ें लेने की माफ़ी माँगी। भालुओं ने सुना, पर छोटा अब भी दुखी था।
पन्ना 9

वह ताज़े अनाज और बढ़ई के साथ लौटी। इस बार दस्तक देकर बाहर रुकी। छोटी कुर्सी सुधरी। छोटे भालू ने बैठकर देखा और मज़बूती पर मुस्कराया।
पन्ना 10

भालुओं ने चौथी कटोरी में दलिया दिया। किसी की कुर्सी नहीं लेनी पड़ी। नई मित्र धन्यवाद देकर गई। खुला दरवाज़ा होने पर भी विनम्रता से पूछना चाहिए।
About this Neutoons edition
Original bilingual retelling, based on the cited old collection; shortened and softened for family reading.
Source tradition: English folk tale. Based on “The Story of the Three Bears” in English Fairy Tales — Joseph Jacobs. Explore the source.
Neutoons English and Hindi text. AI-generated illustrations. This edition has still illustrations. The ten-page edition has no audio narration.


